
Women-Child Development Department : हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग के 8 कर्मचारियों का बर्खास्तगी आदेश निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर समय-समय पर सेवा वृद्धि की गई थी। फिर अचानक ही बिना कारण बताए सेवा समाप्त कर दी गई। प्रकरण के अनुसार याचिकाकर्ताओं को महिला एवं बाल विकास विभाग, रायपुर में जिला विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी एवं अन्य पदों पर वर्ष 2014-15 में नियुक्त किया गया था।
नियुक्ति आदेश में उल्लेखित था कि संविदा नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी। कार्य प्रदर्शन और गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर याचिकाकर्ताओं की सेवा वित्तीय वर्ष 2022-23 तक बढ़ाई गई थी। लेकिन इसके पहले ही 31 अक्टूबर 2022 को बिना कोई जानकारी दिए कार्य संतोषजनक न होने के आधार पर सेवा समाप्त कर दी गई। कर्मचारियों ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
Updated on:
17 Mar 2024 08:26 am
Published on:
17 Mar 2024 08:26 am
