
ऐसा पहली बार हुआ जब धरने पर बैठी किसी महिला ने ऐसा प्रदर्शन किया। इस दौरान पुरुष कर्मचारियों का भी गुस्सा बढ़ गया।

राजधानी के लाखे नगर ईदगाह भाठा स्थिति हिन्द स्पोर्टिंग मैदान में राज्य बाल श्रमिक कर्मचारियों संघ के बैनर पर बाल श्रमिक विद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

संघ का कहना है कि बाल श्रमिक विद्यालय प्रदेश के 15 जिलों में संचालित था। इस विद्यालयों 1345 कर्मचारी कार्यरत थे।

वर्ष 2014 से सभी बाल श्रमिक विद्यालय बंद कर दिए गए और विद्यायल के शिक्षक व कर्मचारी बेरोजगार हो गए।

लगातार मांग के बाद भी राज्य सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल शिक्षा विभाग न तो समायोजन कर ही है और न ही संविलियन।

शिक्षक और कम्रचारी रैली धारना और भूख हड़ताल के माध्यम से सरकार का ध्यानाकर्षण करा रहे हैं।

समायोजन की मांग को लेकर सरकार की उदासीनता को देखते हुए धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों ने मुंडन कराया।

इस दौरान पुरूषों के साथ ही एक महिला कर्मचारी ने भी मुंडन कराकर आक्रोश व्यक्त किया। महिला के इस फैसले से अन्य प्रदर्शनकारी चकित रह गए। मुंडन के दौरान कई महिलाओं ने आंसू छलक पड़े। संघ ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।