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निशुल्क शिविर में वसूली का चल रहा खेल, एक हजार दो और स्मार्ट कार्ड लो

स्मार्ट कार्ड बनाने में लगे कर्मचारियों द्वारा नए नाम जोडऩे व वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की स्थिति में कार्ड बनवाने आए लोगों से 1 से 2 हजार रुपए तक की वसूली की जा रही है
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रायपुर

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Deepak Sahu

•

Updated: 25 Jul 2018, 9:43 AM IST

smart card

निशुल्क बनने वाले स्मार्ट कार्ड शिविर में वसूली का चल रहा खेल, एक हजार दो और कार्ड लो

जितेंद्र दहिया@रायपुर . प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बनाए जा रहे स्मार्टकार्ड के शिविर में हितग्राहियों से वसूली का खेल चल रहा है। यहां पर स्मार्ट कार्ड बनाने में लगे कर्मचारियों द्वारा नए नाम जोडऩे व वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की स्थिति में कार्ड बनवाने आए लोगों से 1 से 2 हजार रुपए तक की वसूली की जा रही है। शिविर में अनियमित्ता और वसूली की शिकायत के बाद ‘पत्रिका’ ने गुढि़यारी के ठक्कर बाप्पा वार्ड में चल रहे शिविर की पड़ताल की। जिसमें कार्ड बना रहे बीमा कंपनी के कर्मचारी ने परिवार के दो सदस्यांे का नाम जोडऩे के लिए 1 हजार रुपए की डिमांड की और सुबह शिविर खुलने के समय सबसे पहले आने की बात कही।

‘पत्रिका’ ने पहले भी खुलासा किया था, कि वार्ड नंबर 8 में चल रहे शिविर में कर्मचारी पार्षद के पास भेज कर यूआइडी नंबर मंगवा रहे हैं। यह हाल तकरीबन सभी शिविर का है। खुद पार्षद के सहयोगी वोटर लिस्ट से यूआइडी नंबर निकाल कर दे रहे हैं। जबकि कोई भी हितग्राही जिसने आवेदन दिया है वह 104 पर फोन कर के फैमली आइडी लेकर अपना स्मार्टकार्ड बनवा सकता है।

स्मार्ट कार्ड के लिए मतदाता सूची में नाम नहीं होने की वजह से स्मार्टकार्ड नहीं बन रहा है । जिन लोगों ने आधार कार्ड के साथ आवेदन किया था उनके फैमली आइडी नंबर दिल्ली से स्वास्थ्य विभाग के पास आ चुके हैं । वह अपना आधार नंबर बता कर कार्ड बनवा सकते हैं । लेकिन दलालों द्वारा अफवाह फैलाई गई है कि जिनका मतदाता सूची में नाम नहीं है,उनका कार्ड नहीं बन सकता। एेसे लोगों का कार्ड बनाकर फायदा बीमा कंपनी के कर्मचारी उठा रहे हैं।

‘पत्रिका’ पड़ताल में जानकारी मिली की एक-एक वार्ड में ७ दिन का शिविर लगाया जा रहा है,लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण सूची में नाम होने के बाद भी सैकड़ों लोगों का स्मार्ट कार्ड नहीं बन पाया है।

कर्मचारी: मैं लोकल हूं, इसलिए कम में कर देता हूं, बाकी लोग 2000 हजार रुपए लेते हैं।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के नोडल अधिकारी बिजेंद्र कटरे ने कहा कि शिविर में व्यवस्था का काम नगर निगम को जोन स्तर पर दिया गया है। बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही वसूली की सूचना नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।