
रायपुर . कैंसर लाइलाज बीमारी मानी जाती है। इसका नाम सुनते ही लोग मन में सोच लेते हैं कि इससे बच पाना पॉसीबल नहीं है। लेकिन देश में एेसे कई बड़े सेलिब्रिटी हैं जो कैंसर को मात देकर बेहतरीन जिंदगी जी रहे हैं।
[typography_font:14pt;" >इनमें अभिनेत्री मनीषा कोइराला, किक्रेटर युवराज सिंह और लीजा रे जैसी कई हस्तियां अपने पॉजीटिव सोच के साथ अपने कॅरियर में उठ खड़े हुए। आज पूरे विश्व में 'वल्र्ड कैंसर डे मनाया जा रहा है। इसके उपलक्ष्य में पत्रिका ने शहर के जाने माने एक्सपर्ट्स से बात की, जिन्होंने बताया कि इस बीमारी को कैसे निजात पाएं।
आज मॉडर्न जमाने के साथ महिलाओं की सोच में काफी बदलाव आ गया है। मॉडर्न लड़कियां जो माता बनती हैं वे अपने शिुशु को स्तनपान नहीं कराती। उनके मन में यह रहता है कि ब्रेस्ट फीडिंग से उनके फिजिक में बदलाव आ जाएगा। यह भ्रंति सबसे गलत है। रिसर्च में सामने आया कि स्तनपान न कराने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।
आयुर्वेद के डॉ. हरेंद्र मोहन शुक्ला ने कहा कि कैंसर से ज्यादा लोगों ने उसका नाम को घातक बना लिया है। कैंसर शब्द सुनते ही लोग कॉन्फिडेंस खो देते है । जबकि किचन में ही इलाज अवेलेबल है। तुलसी , लहसुन, हल्दी आदि का सेवन कई रोगों से बचाता है।
होमोपैथिस्ट डॉ. नीता वर्मा ने बताया कि होमोपैथी में सबसे पहले यह पता लगाया जाता है कि कैंसर आया कैसे। पेशेंट के माइंड कॉन्सेप्ट को समझकर ट्रीट किया जाता है। उसके बाद यह देखा जाता है कि इसके होने के पीछे कोई जैनेटिक ट्स्यिू तो नहीं है। स्ट्रेस फ्री रहना सबसे कारगर है।
योग का सपोर्ट जरूरी
[typography_font:14pt;" >योगा एक्सपर्ट मंजू झा ने बताया कि कैंसर होने पर मेडिकल साइंस का सहारा लेना ही पड़ेगा,लेकिन योग का सपोर्ट भी सबसे महत्वपूर्ण है। अगर आप की सेल में ट्यूमर बन रहा है तो योग के जरिए अपना इम्यूनिटी सिस्टम डवलप करें जिससे आप उस कॉलेस्ट्राल को खत्म कर सकें।
डेंटिस्ट डॉ. अरविंद जैन ने कहा कि सालाना दस लाख लोग कैंसर से पीडि़त होते हैं, जिनमें ३५ फीसदी मरीज ओरल कैंसर के होते हैं। मुख्य वजह है तंबाकू और शराब है। इसके अलावा वाइरस और बैक्टीरिया भी बड़ा कारण है। सकारात्मक सोच और धैर्य से बीमारी से जीत सकते हंै।
कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. अर्पण चर्तुमोहता ने बताया कि बॉडी में कोशिकाओं के टूटने से जो ट्यूमर बनता है उसे हम कैंसर का नाम देते हैं। आम शब्दों में कहा जाए तो सेल्स का कलस्टर बनना कैंसर है। यह दो प्रकार का होता है सॉलिड और ब्लड। इससे जीवनचर्या में बदलाव करने की जरूरत होती है।
स्मोकिंग और एल्कोहल से दूर रहें। फिजिकल एक्टिविटी करें।आहार को महत्व दें। बॉडी में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं।शरीर में किसी तरह की गांठ होने पर स्पेशलिस्ट से संपर्क करें।शरीर में मस्सा यदि रंग और आकार बदल रहा है तो उसकी जांच कराएं।
Updated on:
03 Feb 2018 09:37 pm
Published on:
03 Feb 2018 09:32 pm
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