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World Malaria Day 2021: 2030 तक मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

World Malaria Day 2021: छत्तीसगढ़ में बीते 5 सालों में Malaria के प्रकरणों में 75 प्रतिशत की भारी कमी रेकॉर्ड की गई है। इस साल वर्ष 2030 तक छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त करने के लिए 'हम सब मिल कर काम करेंगे' की थीम पर मनाया जा रहा है।

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Malaria dengue and chikungunya fear now with corona infection in bhilwara

Malaria dengue and chikungunya fear now with corona infection in bhilwara

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बीते 5 सालों में मलेरिया के प्रकरणों में 75 प्रतिशत की भारी कमी रेकॉर्ड की गई है। केंद्र सरकार द्वारा साल 2015 को आधार मानते हुए वर्ष 2020 तक प्रदेश से मलेरिया के मामलों में 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य रखा गया था, राज्य इससे कहीं आगे निकल गया है। राज्य ने पहले मलेरिया मुक्त बस्तर और फिर इसी तर्ज पर मलेरिया मुक्त सरगुजा अभियान चलाया। प्रकरणों में कमी इसके परिणाम रहे हैं? इस साल वर्ष 2030 तक छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त करने के लिए 'हम सब मिल कर काम करेंगे' की थीम पर मनाया जा रहा है।

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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले साल बस्तर संभाग के सातों जिलों में तीन चरणों में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान और सरगुजा संभाग के जिलों में मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का पहला चरण संचालित किया गया। इन अभियानों में मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर सभी लोगों की आरडी किट से मलेरिया की जांच की गई। पॉजिटिव पाए गए लोगों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध खाद्य पदार्थ खिलाकर तत्काल मलेरिया के इलाज के लिए दवाई का सेवन चालू किया गया। राज्य में मलेरिया के 83 प्रतिशत मामले अकेले बस्तर संभाग के 7 जिलों से आए हैं।

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60 प्रतिशत को लक्षण ही नहीं थे
नियमित सर्विलेंस के दौरान मलेरिया के ऐसे मामले सामने नहीं आते, जिनमें लक्षण नहीं है मगर वे पीडि़त हैं। इस अभियान के तहत 60 प्रतिशत लोगों में लक्षण ही नहीं मिले। अभियान के दौरान लक्षण वालों और बिना लक्षण वालों का पूरा उपचार किया गया। इन क्षेत्रों में 34 लाख मेडिकेटेड मच्छरदानियों का वितरण किया गया।