
अजय रघुवंशी/रायपुर. ऐसा पहली बार हो रहा है जब मानसून के दौर में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) को महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। बिजली उत्पादन के लिए सरप्लस स्टेट के नाम पर सुर्खियां बटोरने वाले प्रदेश के विद्युत वितरण कंपनियों के पास अब बिजली का संकट खड़ा हो चुका है। यही कारण है कि सीएसपीडीसीएल को औसत दर 2.60 रुपए से ज्यादा कीमत पर अब महंगी बिजली खरीदने की तैयारी करनी पड़ रही है।
बिजली खरीदने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग में दायर याचिका में वितरण कंपनी ने मानसून में कम बारिश का हवाला देते हुए कहा है कि बारिश कम होने की वजह से शहर और गांव में बिजली संकट खड़ा हो चुका है, वहीं सरकारी पॉवर प्लांट के बंद होने की वजह से बिजली कम पड़ रही है।
एक नजर इधर भी
- मानसून में महंगी दर पर बिजली खरीदेगा सीएसपीडीसीएल
- सरप्लस स्टेट में बिजली संकट, तय दाम से महंगी दरों में खरीदेंगे
- सीएसपीडीसीएल को अंतरिम राहत
- विद्युत नियामक आयोग में अब 24 अगस्त को होगी सुनवाई
- सीएसपीडीसीसीएल ने बिजली खरीदने के लिए दायर की याचिका
अब दायर की याचिका
पत्रिका इस मु²े को लेकर 14 अगस्त को खबर प्रकाशित की थी, जिसमें जिक्र किया गया था कि सीएसपीडीसीएल ने नियामक आयोग के नियमों के मुताबिक याचिका दायर किए बगैर बिजली खरीदने के लिए आयोग में प्रस्ताव दिया है, जबकि आयोग ने सीएसपीडीसीएल की ओर से नियमों के विरुद्घ याचिका दायर कर दी है, लेकिन इस मामले में जनसुनवाई में विरोध होने के बाद नियामक आयोग के निर्देश के बाद सीएसपीडीसीएल ने बिजली खरीदने के लिए याचिका दायर की है। इसके बाद आयोग ने अंतरिम राहत देते हुए बिजली खरीदने का आदेश दे दिया है।
उपभोक्ताओं की जेब से वसूलेंगे पैसा
महंगी बिजली का भार क्या उपभोक्ताओं पर पड़ेगा इस सवाल पर नियामक आयोग के अधिकारियों का कहना था कि 24 अगस्त को सुनवाई के बाद ही यह तय होगा। बिजली संकट दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। नियामक आयोग ने बिजली खरीदने की औसत दर 2.60 रुपए तय की है, जबकि सीएसपीडीसीएल 3 रुपए से अधिक कीमत पर निजी कंपनियों से बिजली खरीदने की तैयारी में है।
वर्तमान में उपलब्धता
- 3500 से 36 ०० मेगावॉट
- जरूरत- 100 से 400 मेगावॉट
- कुल डिमांड- 4000 मेगावॉट
- इस समय ज्यादा जरूरत-
- शाम 6 से रात 2 बजे तक
Published on:
19 Aug 2017 01:26 pm
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