गैरतगंज. जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज को मंगलवार को श्रद्धालुओं ने नम आंखों से विदा किया। लोगों के अनुरोध पर एक दिन गैरतगंज में रुके आचार्य श्री ने मंगलवार को ससंघ सिलवानी की ओर विहार किया। वे ग्राम समनापुर में रात्रि विश्राम के लिए रुके। रविवार को आचार्य विद्यासागर महाराज 38 जैन मुनियों के साथ विदिशा की ओर से गैरतगंज पहुंचे थे। उनके आगमन से जैन समाज सहित अन्य लोगों में उत्साह का माहौल था। मुनिश्री की अगवानी और स्वागत से लेकर उनको आहार कराने के लिए लोगों में होड़ लगी रही। उनके मुख से गुरुवचन सुनने के लिए लोग आतुर रहे।
अपने प्रवचनों में आचार्य श्री ने कहा कि मोह को त्याग कर स्वत्वीक जीवन जीने एवं निर्धन के प्रति सहज भाव रखने से समाज का कल्याण होता है। आचार्य श्री ने नगर के वार्ड क्रं 15 मे सोसायटी के सामने जैन समुदाय की भूमि पर दिगम्बर जैन मंदिर के निर्माण का शिलान्यास किया। सोमवार को आचार्य श्री को आहार कराने का सौभाग्य नगर के सेठ मिंटू सिंघई को एवं मंगलवार को ये सौभाग्य रब्बी जैन, मनीष जैन को प्राप्त हुआ। मंगलवार करीब दो बजे आचार्य श्री ने सिलवानी की और विहार किया। आसपास के छेत्र से मुनिवर के दर्शन के लिए हजारो की संख्या में भक्त पहुंचे।