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अस्पताल की दुकानें स्टाम्प पर बिक रही, कलेक्टर ने बुलाई जानकारी

रोगी कल्याण समिति की शर्तों का कुछ दुकानदार कर रहे उल्लंघन।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेखबर।

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अस्पताल की दुकानें स्टाम्प पर बिक रही, कलेक्टर ने बुलाई जानकारी

अस्पताल की दुकानें स्टाम्प पर बिक रही, कलेक्टर ने बुलाई जानकारी

रायसेन. जिला अस्पताल परिसर में बनी दुकानों की नीलामी रोगी कल्याण समिति द्वारा वर्ष २००२ में की गई थी। तब रोगी कल्याण समिति द्वारा नीलामी में भाग लेकर दुकान प्राप्त करने वाले दुकानदारों को बीस बिंदुओं में शर्तो एवं नियमों की जानकारी लिखित रुप से दी गई थी। जिसमें बताया गया कि प्रत्येक दुकानदार को इनका अनिवार्य रुप से पालन करना है। लेकिन दुकान पर काबिज होने के बाद कई दुकानदार उन शर्तों को अनदेखा कर रहे। इनमें सबसे प्रमुख शर्त यह रखी कि आवंटित दुकान को खरीदने एवं बेचने का अधिकार किसी व्यक्ति को नहीं है। लेकिन पिछले छह माह में यहां की दो दुकानें स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी कर मोटी रकम लेकर बेच दी गई। जबकि नियमानुसार इन दुकानों की पुन: नीलामी होना चाहिए। इन्हीं शिकायतों के चलते रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर अरविंद दुबे ने समिति के सचिव को प्रत्येक दुकानदार की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद रोगी कल्याण समिति के सचिव ने सभी ३७ दुकानदारों को नोटिस देकर तीन दिवस के अंदर जानकारी मांगी है कि वे दुकानों में दुकानदार कौना सा व्यापार संचालित कर रहे हैं। साथ ही कितनी दुकानें किराए हंै, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही। बताया जा रहा है कि दुकानें खरीदने वालों ने विभाग में सांठगांठ कर दुकान अपने नाम दर्ज करा ली हंै। जबकि यह पूरी प्रक्रिया नियम विरुद्ध है। इस मामले की विस्तृत रुप से जांच होना जरुरी है।
किराए पर चल रही दुकानें
रोगी कल्याण समिति की कुछ दुकानें भी वर्तमान में किराए पर संचालित हो रही। जबकि आवंटित दुकानदार को किराए से देने का भी अधिकार नहीं है। समिति द्वारा आवंटित दुकानदारों से कम किराया लिया जाता और वही दुकानदार दूसरे व्यक्ति को दुकान किराए पर देकर अधिक किराया वसूल रहे। समिति के पदाधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कभी दुकानों का निरीक्षण करना भी जरुरी नहीं समझा।
इनका कहना
सभी दुकानदारों को नोटिस देकर दुकानों में संचालित हो रहे व्यापार-व्यवसाय की जानकारी बुलवाई है। साथ बिजली कंपनी से भी इसकी जानकारी मांगी है कि उन दुकानों में बिजली कनेक्शन किस नाम से हैं।
डॉ. एके शर्मा, सिविल सर्जन एवं सिविल सर्जन जिला अस्पताल।