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पीएम सड़क योजना की सड़कों से डामर गायब

ओवरलोड रेत,गिट्टी के ट्रक डंपरों ने बिगाड़ी सूरत

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ओवरलोड रेत,गिट्टी के ट्रक डंपरों ने बिगाड़ी सूरत

रायसेन.प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़कों के इन दिनों रखरखाव के अभाव में बुरेहाल हैं। इन पीएम सड़क योजना के तहत बनीं पक्की डामर की सड़कों की सूरत कोयहां से दिन रात गुजरने वाले रेत गिट्टी से ओवरलोड भरे ट्रकों, डंपरों की वजह से सड़कें जगह-जगह से उखड़ चुकी हैं। कई जगहों पर से तो एक से दो किमी दूर तक डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है। वहीं नदी नालों से पाइप से लेकर पुलियाएं तक बह गई हैं। बहते पानी के बीच मटेरियल से भरे चार पहिया वाहन गुजर रहे हैं। जी हां, यह सच है। हम बात कर रहे हैं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क परियोजना फेस १ कार्यालय से जुड़ी सड़कों की । चिलवाह से महुआ खेड़ा व्हाया पैमत मानपुर परसौरा से पेनगवां सड़क की । वहीं सालेरा से विदिशा सड़क,सागर रोड पर खडेरा से सांचेत, सागर रोड पर ही टपरा पठारी के समीप सूरई और मेन रोड सागर सड़क से सोनी राइस मिल के सामने से पिपलई की सड़केें बारिश में बह चुकी हैं। वहीं पुल पुलियाएं भी धराशायी हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में इन सड़कोंं के रखरखाव में मरम्मत के लिए करोड़ों रूपए का बजट आया था। लेकिन पता चला है कि पीएम सड़क परियोजना फेस -१ के महाप्रबंधक मनोज यादव व उनके इंजीनियरों ने कागजी खानापूर्ति कर कागजों में ही सड़कों की मरम्मत कर राशि हजम कर ली गई है। यह कोई नया मामला नहीं है।तहसील रायसेन के बांसखेड़ा ,दीवानगंज सरार सेमरा क्षेत्रों में भी घटिया सड़कों का निर्माण ठेकेदार व विभाग के जिम्मेदार अधिक ारियों की मिलीभगत से बनवाकर मोटी रकम गोलमाल कर ली गई है। पीएम सड़क परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी भोपाल से जब निरीक्षण के लिए जीपों में सवार होकर रायसेन जिले में आते हैं तो परियोजना के महाप्रबंधक नई सड़कों को दिखाकर लौट आते हैं।इस तरह विभागीय अधिकारियों की टीम सड़कों के निरीक्षण की कार्रवाई खानापूर्ति कराने में पूरी तरह से माहिर हैं।

सूरई के जनपद सदस्य हुकम सिंह कुशवाहा, प्रताप सिंह कुशवाह,दिलीप सिंह,प्रेम सिंह ,प्रताप सिंह कुशवाहा, सुमन बाई, प्रेमवती बाई पटेल आदि ने बताया कि हाल में पीएम सड़क योजना के तहत डामर की सड़क निर्माण टपरा पठारी से लेकर सूरई तक करीब चार किमी बनीं थी । ठेकेदार द्वारा सड़क घटियानिर्माण कराए जाने से वह पहली बारिश की मार नहीं झेल सकी । मूसलाधार बारिश में एक से दो किमी के बीच डामर की परतें बह गईं। कई पुलियाएं भी ढ़ह चुकी हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को उखड़ी सड़कों के बीच पेरशानी भरा सफर तय करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। दो साल पूर्व सोनी राइस मिल के सामने से पिपलई तक बनीं डामर की सड़क पुलियाएं भी बह चुकी हैं। लेकिन दो साल गुजर जाने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है। पिपलई निवासी पूर्व सरपंच भूराभाई,लालू मेवाती,लईक मोहम्मद ,सरपंच धन सिंह बैरागी आदि ने बताया कि पिपलई सड़क अपनी दुर्दशा पर सालों से आंसु बहा रही है। लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों ने सागर रोड से लेकर पिपलई सड़क का मेटेंनेस कराना मुनासिब नहीं समझा है। मंडी उपाध्यक्ष राजेंद्र बाबू राय ,मनोहर मेहरा ,मेहबूब पटेल आदि ने बताया कि चिलवाहा से महुआखेड़ा तक की सड़क पूरी तरह से मटियामेट हो चुकी है।इस कारण राहगीरों सहित वाहन चालकों को आने जाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।कलेक्ट्रेट कॉलोनी से सालेरा विदिशा सड़क भी पीएम सड़क परियेजना द्वारा बनाई गई थी । चैनू मसीह, पुनीत दुबे, गनेशराम ठाकुर ,नईम खान आदि ने बताया कि सालेरा सड़क महू पथरई से लेकर सनखेड़ा के बीच जगह-जगह से उखड़ चुकी है। पत्थर खदानों के भारी वाहनों की आवाजही की वजह से भी डामर की सड़क उखड़ जाती हैं। जबकि इन सड़कों की क्षमता भारी वाहनों के वजन सहने की नहीं होती है।