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रिश्वत लेते जिला कोषालय का बाबू गिरफ्तार

तहसील, जिला पंचायत के बाद अब कलेक्ट्रेट तक पहुंची लोकायुक्त पुलिस। सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर।

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रिश्वत लेते जिला कोषालय का बाबू गिरफ्तार

रिश्वत लेते जिला कोषालय का बाबू गिरफ्तार

रायसेन. एक सेवानिवृत्त शिक्षक से एनपीएस की राशि निकालने के नाम पर 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने वाला जिला कोषालय के बाबू को तीन हजार रुपए लेते हुए लोकायुक्त पुलिस ने रंगेहाथों पकड़ा है। कलेक्ट्रेट कंपोजिट भवन के निचले तल पर स्थित जिला कोषालय में सोमवार को दोपहर लगभग 12 बजे की गई इस कार्रवाई के बाद हडक़ंप मच गया। लगभग आठ माह पहले जिला पंचायत में दो माह पहले तहसील में और अब कलेक्ट्रेट में रिश्वतखोर बाबू के पकड़े जाने से जिले में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की परतें खुल रही हैं। लोगों के बिना लेन-देन कोई काम नहीं होने के आरोप जिले में सही साबित हो रहे हैं।
ताजा मामले में जिला कोषालय के बाबू नवीन विश्कर्मा को धरा गया है। सेवानिवृत्त शिक्षक दुर्गादास राय ने बताया कि 31 मई को ग्राम चिरौली के प्राथमिक स्कूल से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी एनपीएस की राशि निकालने के एवज में नवीन विश्कर्मा ने 10 हजार रुपए की मांग की थी। बाद में सौदा आठ हजार में तय हुआ था। जिसके दो बार में पांच हजार रुपए वे पहले दे चुके थे। सोमवार को बाकी तीन हजार रुपए देना तय हुआ था।
शिक्षक की विकलांगता पर तरस, दो हजार कम किए
दुर्गादास ने बताया कि नवीन ने पहले दस हजार रुपए मांगे थे, जब उन्हे बताया कि वो विकलांग हैं, तो नवीन ने तरस खाकर दो हजार रुपए कम कर दिए थे। पांच हजार पहले दे दिए थे एवं बाकी के पैसे काम होने के बाद देने के लिए बताया था। 22 जुलाई को आवेदक के खाते में पैसे आने के बाद नवीन ने सोमवार को बाकी पैसे देने के लिए बुलाया था। कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक मनोज पटवा, निरीक्षक विकास पटेल, प्रआ रामदास कुर्मी, मुकेश पटेल, आर मनमोहन साहू तथा संदीप कुशवाहा ने उक्त कार्रवाई की।
लगातार धरे जा रहे बाबू
जिला मुख्यालय सहित जिले में रिश्वतखोर कर्मचारियों की धरपकड़ लगातार जारी है। लगभग आठ माह पहले जिलापंचायत का बाबू लोकायुक्त की कार्रवाई में सचिव से रिश्वत लेते पकड़ा गया था। उसके बाद तहसील का बाबू जमीन की नपती के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। अब कलेक्ट्रेट स्थित जिला कोषालय का बाबू पकड़ा गया है। इसी तरह जिले में भी लोकायुक्त की कार्रवाई कई बार हो चुकी हैं। बरेली तहसील का एक पटवारी नामांतरण के लिए रिश्वत लेते पांच माह पहले पकड़ा गया था। गैरतगंज, बेगमगंज में भी इस तरह की कार्रवाईयां बीते एक साल में हो चुकी हैं।
चर्चाओं में रहता है जिला कोषालय
जिला कोषालय हमेशा से चर्चाओं में रहा है। यहां हर दिन बुजुर्ग पेंशनरों को भटकते हुए देखा जा सकता है। किसी की पेंशन, किसी की एनपीएस, किसी को बढ़ी हुई पेंशन लागू कराने के लिए परेशान होते देखा गया है। हर काम के लिए कोषालय में तय रिश्वत देना उनकी मजबूरी है। शिक्षक दुर्गादास ने यह प्रकरण लोकायुक्त तक पहुंचाने की हिम्मत दिखाई और कोषालय में रिश्वतखोरी के खेल का खुलासा हुआ।
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