
वर्ल्ड हेरिटेज बनेगा ये शिव मंदिर, यहां चट्टानों पर मौजूद है पूर्व के सोमनाथ का पूरा नक्शा
रायसेन. जिले में स्थित भोजपुर शिव मंदिर को विश्व धरोहर घोषित कर देना चाहिए, ये मंदिर प्राचीन होने के साथ ही विशाल शिवलिंग होने के कारण अपने आप में खास है, इन्हें पूर्व का सोमनाथ भी कहा जाता है, यहां चट्टानों पर भी शिव मंदिर का नक्शा नजर आता है।
दो विश्व धरोहरों को समेटे रायसेन जिले में स्थित भोजपुर का विशाल शिव मंदिर भी तीसरी धरोहर बनने के लायक है। इसे पूर्व का सोमनाथ भी कहा जाता है, इसके वल्र्ड हेरिटेज बनने के लिए पहले तीन बार प्रस्ताव भी दिए गए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई आगे नहीं हुई है, जबकि पुरातत्वविदों और पुरा संपदाओं, धरोहरों के जानकारों का कहना है कि भोजपुर में वो सब कुछ है, जो इसे विश्व धरोहर घोषित करने के लिए पर्याप्त है, रायसेन जिले में सांची के स्तूप और भीमबैठिका की गुफाएं पहले से विश्व धरोहरों में शामिल हैं। भोजपुर में यह उपलब्धि हासिल करता है तो रायसेन ऐसा पहला जिला होगा जिसमें तीन विश्व धरोहरें होंगी। पुरातत्व विद नारायण व्यास, एसडी ओटा बताते हैं कि भोजपुर मंदिर और उसके आस-पास उपलब्ध चिन्ह यह बताते हैं कि भोजपुर एक समृद्ध पुरा संपदा है।
इसलिए है महत्वपूर्ण
पुरातत्व विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक एसडी ओटा बताते हैं कि किसी भी प्राचीन मंदिर के लिए उसका शिल्प शास्त्र सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। देश, दुनिया में ऐसा कोई प्राचीन मंदिर नहीं है, जिसका शिल्प शास्त्र उपलब्ध हो। भोजपुर का मंदिर ही एक ऐसा प्राचीन मंदिर है जिसका शिल्प शास्त्र वहीं मौजूद है। मंदिर पहाड़ी पर चट्टानो पर मंदिर का पूरा नक्शा उकेरा गया है, हर खंभ, पत्थर का शिल्प और नाप तौल चट्टानो पर उकेरा हुआ है। जिसे पुरातत्व विभाग ने सुरक्षित भी किया है। यह किसी भी संरचना को विश्व धरोहर के रूप में स्वीकार करने के लिए पूर्ण है।
सांची में आयोजन आज
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा आज विश्व धरोहर दिवस पर सांची स्तूप पर कार्यक्रम आयोजत किया जा रहा है। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. भुवन विक्रम निदेशक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, विशिष्ट अतिथि डॉ. मेनुअल जोसेफ सेवा निवृत्त उप अधीक्षण पुरातत्वविद भोपाल होंगे। इस अवसर पर फ़ोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। साथ ही पुस्तिका उदयगिरि दी ग्लोरियस केव्स ऑफ विदिशा का विमोचन भी किया जाएगा।
सांची और भीमबैठिका से बनी पहचान
पूरी दुनिया को शांति का संदेश देेने वाले नगर सांची, यहां के स्तूपों के लिए तथा शैल चित्रों के लिए भीमबैठिका जैसी विश्व धरोहरों ने पूरी दुनिया में रायसेन जिले ने अपने आपमें एक विशेष पहचान बनाई है। दुनिया भर के लोग शांति की खोज में सांची तक पहुंचते हैं, वहीं भारतीय प्राचीन कला नजदीक से देखने भीमबैठिका पहुंचते हैं।
Published on:
18 Apr 2022 10:42 am
बड़ी खबरें
View Allरायसेन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
