
IN FAST WIND and rain the destroyed huts
उदयपुरा. रिमझिम फुहारों के बीच शनिवार को हरियाली अमावस्या पर सुबह से ही नर्मदा स्नान करने श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। साथ ही मंडी प्रांगण में रुके हुए नीलकंठेश्वर धाम गैरतगंज के लगभग दो हजार कांवडिय़ों का दल हर-हर, बम-बम का उद्घोस करता हुआ बोरास पहुंचा। जहां मां स्नान कर नर्मदा की पूजन-अर्चना कर जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने रवाना हुए।
बोरास चौराहा पर हैहय क्षत्रिय समाज उदयपुरा ने कांबडिय़ों का स्वागत किया। डीजे, बाजे गाजों के साथ कावडिय़ों ने नगर में प्रवेश किया। गल्ला बाजार पहुंचने पर नगर परिषद के अध्यक्ष केशव पटेल ने पार्षदों एवं सहयोगियों के साथ कांवड़ यात्रियों का स्वागत किया। बाद में यात्रा गैरतगंज रवाना हो गई। जो 100 किमी की पैदल यात्रा कर हरदौट स्थित नीलकंठेश्वर भगवान पर जल अर्पित करेगी।
श्रद्धाभक्ति के माहौल में मनीं हरियाली व शनिश्चरी अमावस्या
रायसेन. शनिवार को सावन माह की हरियाली अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या श्रद्धाभक्ति के माहौल में धूमधाम से मनाई गई। एक साथ दोनों त्योहार पडऩे से साढ़े साती व शनि ढ़ैया से प्रभावित लोगों द्वारा हवन, जाप पूजा पाठ कर शनिदेव महाराज से प्रार्थना की। शहर के नवग्रह शनिदेव मंदिरधाम, शनि मंदिर दशहर मैदान में शनिश्चरी अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी।
नवग्रह शनिदेव मंदिर में भी शनिश्चरी अमावस्या उल्लास पूर्वक मनाई गई। पुजारी पं. जोशी ने बताया कि शनि की साढ़े साती, ढैया प्रभावित जातक परिवार सहित हवन जाप कराने पहुंचे और शनिदेव महाराज सहित नवग्रहों को तेल, काला तिल, काली उड़द, लोहे का नाल, जौं, नारियल प्रसादी व अगरबत्ती आदि चढ़ाए। नवग्रह शनिदेकव के दरबार में मत्था टेक कर मन्नतें मांगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने परविार सहित पहुंचकर शनिदेवमहाराज, वीर बजरंग बली और राधेकिशन मंदिर, उमापति महादेव मंदिर, श्रीराम दरबार, महादेव मंदिर मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चना की।
हरियाली अमावश्या के चलते सुबह से ही ाद्धालु देवी देवताओं की पूजन आरती करने, जंगलदेव बाबा, बड़ा देव के स्थान पहुंचे। परिवार की खुशहाली व सुख समृद्धि कीकामना की। यह सिलसिला सुबह से प्रारंभ होकर देर शाम तक चलता रहा। घरों में ही शाम के समय हरियाली अमावस्या के उपलक्ष्य में देव स्थलों पर पूजन आरती की गई।
हरियाली और शनि अमावस्या पर किया नर्मदा स्नान
थालादिघावन. हरियाली अमावस्या पर शनिवार को क्षेत्र के नर्मदा तटों पर हजारों श्रद्धालु पहुंचे। नर्मदा स्नान कर पूजन अर्चना के बाद दान पुण्य किया। सुहाग की सलामती और परिवारिक सुख समृद्धि के लिए महिलाओं ने बगीचे में हरियाली माता की पूजन कर उन्हें सुहाग के प्रतीक चूडिय़ां सिंदूर आदि भेंट किए। इस दौरान महिलाओं ने एक दूसरे को मेहंदी लगाई और लाल, हरी चूडय़िां पहनाई।
Published on:
12 Aug 2018 09:05 am
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