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सुबह से ही बोरास नर्मदा तट पर उमड़ी आस्था की भीड़, हुए पूजन और भोज

सागर जिला, बेगमगंज, गैरतगंज, सिलवानी तहसील के श्रद्धालु अपने-अपने वाहन लेकर मां नर्मदा तट पर स्नान करने पहुंचे

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सुबह से ही बोरास नर्मदा तट पर उमड़ी आस्था की भीड़, हुए पूजन और भोज

सुबह से ही बोरास नर्मदा तट पर उमड़ी आस्था की भीड़, हुए पूजन और भोज

उदयपुरा. अधिकमास की अमावस्या के दिन शुक्रवार को बोरास घाट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। पुरुषोत्तम मास समापन पूजा के साथ कल से शारदीय नवरात्र भी शुरू हो रहे हैं। ऐसे में गैरतगंज, गाडरवारा रोड बहुत व्यस्त रहा। सागर जिला, बेगमगंज, गैरतगंज, सिलवानी तहसील के श्रद्धालु अपने-अपने वाहन लेकर मां नर्मदा तट पर स्नान करने पहुंचे। उदयपुरा-बोरास मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहा।
भीड़ से बचने के लिए श्रद्धालु अन्य घाटों पर भी गए, जिससे चौरास, अनघोरा, अंडिया, केतोघान आदि पर स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगी रही। इस दृश्य को देखकर यह लगा कि लोग कोरोना संक्रमण का डर पूरी तरह से अपने मन से निकाल चुके हैं, क्योंकि अधिकांश लोग बिना मास्क के रहे और नर्मदा घाटों पर सोशल डिस्टेंस का पालन होता, तो कहीं पर भी नहीं दिखाई दिया।

पुरुषोत्तम मास के समापन पर किया स्नान, पूजन
सिलवानी. शुक्रवार को अधिकमास के समापन के बाद शनिवार से नवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो रहा है। अधिक मास की समाप्ति पर नर्मदा तट बोरास सहित अन्य नर्मदा तटों पर प्रात: समय से दोपहर समय तक आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने स्नानकर मां नर्मदा का पूजन-अर्चन भी किया। इसके बाद दीपदान का आयोजन भी किया गया। कहीं-कहीं कन्या भोज और प्रसादी का भी वितरण सुबह से शाम तक चलता रहा। नर्मदा तटों के आसपास सैकड़ों दुकानें नारियल, अगरबत्ती और प्रसाद की लगाई गई थी। इस दौरान नगर सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं की सुबह से लेकर शाम तक आवाजाही लगी रही। इस दौरान ना ही कोई मास्क लगाए दिखा और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग जैसी व्यवस्था यहां नजर आई।

पुरुषोत्तम मास पर लगाई डुबकी
बरेली. अधिकमास की समाप्ति पर शुक्रवार को नर्मदा तट अलीगंज, सिवनी, बगल वाला, मांगरोल सहित अन्य नर्मदा तटों पर प्रात: समय से दोपहर समय तक आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान कर दीपदान किया। इस अवसर पर नर्मदा तटों पर कन्या भोज और प्रसाद वितरण भी कराया गया। श्रद्धालुओं की खासी भीड़ होने से नर्मदा तटों पर मेले जैसी स्थिति बनी रही। ऐसे में लोग कोरोना के डर को पूरी तरह से भुला बैठे और ज्यादातर श्रद्धालु बिना मास्क के ही पहुंचे। वहीं भीड़ अधिक होने से सोशल डिस्टेंस पूरी तरह से गायब रही। आज शनिवार से शारदीय नवरात्रि पर्व प्रारंभ होगा।

जरूर करनी चाहिए तुलसी की पूजा
सुल्तानगंज. अधिकमास के अंतिम दिन शुक्रवार को सुबह क्षेत्र की महिलाओं ने तुलसी पूजन की और पवित्र नदी नर्मदा में स्नान, पूजन के लिए पहुंची। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भंडारा भी कराया। अधिक मास के अंतिम दिन महंत भगवत पुरी गोस्वामी ने भंडारे के अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं को उपदेश देते हुए कहा अधिकमास में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसलिए इन दिनों में तुलसी पूजा का महत्व बढ़ जाता है। कहा जाता है कि जिस घर में अधिकमास के दिनों में तुलसी की विशेष पूजा होती है, वहां सौभाग्य बना रहता है।
विष्णु भगवान को प्रिय हैं तुलसी: हिंदू धर्म में तुलसी पूजन की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन पुरुषोत्तम मास यानी अधिकमास में तुलसी की पूजा करना बहुत ही पुण्यकारी माना गया है।

अधिकमास में भगवान विष्णु के स्वरूपों की पूजा की जाती है। पुराणों में कहा गया है कि भगवान विष्णु को तुलसी जी प्रिय हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार हर घर में तुलसी का पौधा जरूर होना चाहिए, तुलसी को बहुत शुभ माना गया है।