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अस्पताल में मरीजों के बीच घंटों पड़ा रहा शव 

मृतक के परिजन भी दिनभर करते रहे शव वाहन का इंतजार 
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praveen praveen

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Updated: 20 Jul 2017, 12:30 AM IST

raisen

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रायसेन. बुधवार को जिला अस्पताल में एक बार फिर मानवता शर्मसार हुई। जिला अस्पताल के मेल वार्ड में मरीजों के बीच एक शव घंटों तक पड़ा रहा। मरीज दहशत में रहे। मृतक के परिजन भी शव वाहन नहीं होने की वजह से परेशान होते रहे। हुआ यूं कि जिले की तहसील बेगमगंज के कस्बा सुल्तानगंज के ग्राम खमरिया निवासी 40 वर्षीय व्यक्ति की बीमारी के चलते इलाज के दौरान बुधवार को दोपहर लगभग सवा दो बजे जिला अस्पताल के मेल वार्ड के पलंग नंबर 11 पर इलाज के दौरान मौत हो गई। लाल कपड़े में लिपटे शव को देखकर आसपास के मरीज दहशत में रहे। हैरत की बात ये है कि है कि सालों बाद भी जिला अस्पताल के लिए रायसेन जिले के 4 मंत्री और एक केंद्रीय मंत्री होकर भी जिला अस्पताल के लिए एक शव वाहन मुहैया नहीं करा पाए। नतीजन परिजन शव ले जाने के लिए परेशान होते हैं।
बुधवार को दोपहर करीब सवा 2 बजे जिले के सुल्तानगंज तहसील बेगमगंज के नजदीक खमरिया निवासी 40 वर्षीय रेवाराम धानक पिता खिंतई धानक गंभीर बीमार होने पर जिला अस्पताल में दाखिल कराया गया। यहां इलाज के दौरान बुधवार को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद से ही दोपहर सवा 2 बजे के बाद शाम 7 बजे तक पुरुष वार्ड में वह शव चादर में लिपटा करीब पांच घंटे तक पड़ा रहा। इस दौरान मेल वार्ड में भर्ती कई मरीज और उनके परिजन दहशत के चलते बाहर चले गए। कुछ मरीज पलंग पर रहे, लेकिन शव को देखकर डर बना रहा।

शांति वाहन ने की तीन शवोंं की ढुलाई
बुधवार के दिन तीन अलग-अलग मामलों में तीन लोगों की मौत हो गई थी। शांति वाहन एक के बाद एक इन शवों की ढुलाई में वाहन चालक दिनभर लगा रहा। बताया जाता है शाम करीब 7 बजे के बाद नपा के शांति वाहन के चालक राजेश कुमार उस शव को गाड़ी में रखकर सुल्तानगंज रवाना हुआ। करीब 115 किमी के लिए 8 रुपए प्रति किमी का किराया इस गरीब परिवार को अपनी जेब से खर्च करना पड़ा।

दादाजी को घर भेज दो साहब....
साहब हमारे दादाजी को क्या हो गया? वह पलंग पर सो रहे हैं कुछ बोलते भी नही ंहैं? दादीजी भी रो रही हैं वह भी कुछ बोलती नहीं। साहब हमारे दादाजी को घर भिजवा दो.... तो अच्छा रहेगा। यह मार्मिक गुहार मीडिया कर्मियों से मृतक की मासूम पोती निधि धानक ने लगाई।


मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। आप सिविल सर्जन से बातचीत कर जानकारी ले सकते हैं। शवों की ढुलाई का काम नगरपालिका का शांति वाहन करता है। यह जिम्मेदारी उन्हींं के भरोसे चल रही है।
डॉ. यशपाल सिंह बाल्यान आरएमओ जिला अस्पताल रायसेन