
ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालु पहुंचे घाट, किया स्नान
उदयपुरा. नवाबी रियासत भोपाल को भारत संघ में विलय करने के लिए चलाए विलीनीकरण आंदोलन के दौरान चार नौजवानों के बलिदान का गवाह बना बोरास घाट मेला इस बार मकर संक्रांति पर नहीं लगा। कोरोना की तीसरी लहर के चलते जिला प्रशासन के आदेश पर मेला आयोजन रद्द किया गया। जबकि वर्षों से यह मेला निरंतर लगता रहा। उदयपुरा जनपद पंचायत का यह प्रमुख मेला रहा है। यह संयोग था कि कोरोना की पिछली दो लहरें इस मेले के बाद आईं थीं इसलिए इस मेले पर उसका प्रभाव नहीं रहा था। मगर इस बार मकर संक्रांति पर्व पर मेला आयोजन के समय कोरोना संक्रमण फिर से फैलने लगा। हालांकि मकर संक्रांति पर्व पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ देखी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा के घाटों पर स्नान कर पूजन-अर्चन किया।
ठंड पर आस्था भारी 120 किमी पैदल चलकर पहुंचे घाट
सुल्तानगंज. पौष मास के मकर संक्रांति पर्व पर पतित पावनी मां नर्मदा में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं की श्रद्घा और आस्था हाड़ कंपा देने वाली सर्दी पर भारी रही। श्रद्धालु 120 किलोमीटर पैदल चलकर बरमान घाट पहुंचे और यहां पर ब्रह्ममूहुर्त में उन्होंने आस्था की डुबकी लगाई। नईगडिय़ा से समाजसेवी युवा राजा भैया यादव के नेतृत्व में करीब 30 श्रद्धालुओं का जत्था नर्मदा तट बरमान के लिए बुधवार को पैदल निकला था और शुक्रवार को बरमान घाट पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा का पूजन-अर्चन किया।
श्रद्धालुओं ने उत्साह से मनाया संक्रांति पर्व
सिलवानी. नगर सहित ग्रामीण अंचलों में मकर संक्रांति का पर्व उत्साह व उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान सिलवानी क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बोरास स्थित मां नर्मदा के तट पहुंचे और शुभ मुहुर्त में डुबकी लगा कर स्नान किया। इस अवसर पर तिल आदि वस्तुओं का दान किया। मकर संक्रांति को लेकर लोगों में काफी उत्साह रहा। सुबह से ही श्रद्धालु वाहनों में सवार होकर बोरास घाट पहुंच गए। वहां नर्मदा नदी में डुबकी लगा कर सूर्य भगवान को भी अघ्र्य दिया। क्षेत्र की विभिन्न नदियों में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं मकर संक्रांति पर्व पर महिलाओं द्वारा घरों में अनेक प्रकार के लड्डू व व्यंजन भी बनाए गए।
शोकलपुर में दुकान लगाने पहुंचे दुकानदारों को पुलिस ने लौटाया
थालादिघावन. धार्मिक पर्यटन स्थल शोकलपुर घाट पर प्रतिवर्ष मकर संक्रांति पर आयोजित मेले में बड़ी संख्या में दुकानदार बाहर से आते हैं, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने मेला रद्द कर दिया। उसके बाद भी कई दुकानदार दुकानों को लेकर शोकलपुर पहुंचे।
मगर वहां थाना प्रभारी जितेन्द्र राजपूत अपने दल बल के साथ सुबह से मौजूद रहे और उन्होंने दुकानें नहीं लगने दी। पुलिस बल ने सभी दुकानदारों को वापस पहुंचा दिया। हालांकि स्नान करने के लिए सुबह से ही संगम पर श्रद्धालु पहुंच गए थे। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं को थाना प्रभारी द्वारा कोरोना गाइड लाइन का पालन करने की समझाइश दी गई। इस अवसर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया और मां नर्मदा का पूजन कर सूर्य देव को अघ्र्य दिया।
Published on:
15 Jan 2022 01:02 am
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