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उत्कृष्ट स्कूल को नहीं मिला बेहतर  स्वरूप

शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों के तहत शैक्षणिक, अकादमिक और अधोसंरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध नहीं, छात्र और शिक्षक दोनों ही परेशान

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veerendra singh

Feb 20, 2016


रायसेन.
शिक्षा विभाग द्वारा होनहार विद्यार्थियों के लिए विकासखंड सहित जिला मुख्यालयों पर उत्कृष्ट स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन जिला मुख्यालय के उत्कृष्ट स्कूल को अब तक बेहतर स्वरूप नहीं मिल सका है। यहां पर शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों के तहत शैक्षणिक, अकादमिक और अधोसंरचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। इससे छात्र और शिक्षक दोनों ही परेशानियों से गुजरते हैं। सुविधायुक्त भवन के साथ प्रत्येक विषय के लिए पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था की कमी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कक्षा नवमीं से लेकर बारहवीं तक प्रत्येक कक्षा के चार-चार सेक्शन होना चाहिए। प्रत्येक सेक्शन में 60-60 विद्यार्थियों को प्रवेश देने का नियम है। इस तरह एक कक्षा में 240 यानि चारों कक्षाओं में 960 छात्रों को पढ़ाया जाएगा। 16 सेक्शनों में पढ़ाने के लिए प्रत्येक विषय के चार-चार शिक्षकों की पदस्थापना के नियम हैं।

जिला स्तर का उत्कृष्ट स्कूल स्वंय के सुविधायुक्त भवन के बजाए पुराने और जर्जर हो चुके खपरेलू नुमा छात्रावास भवन में संचालित किया जा रहा है। बारिश के मौसम में जगह-जगह से पानी टपकता है। इस भवन में कक्षा और छात्रों के मान से पर्याप्त कक्षों की कमी है। इस कारण निर्धारित संख्या में छात्रों को प्रवेश भी नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान सत्र में उत्कृष्ट स्कूल में 527 छात्रों की संख्या दर्ज है। फिलहाल 12 कक्षों की ही व्यवस्था है। वर्तमान में किसी विषय में एक और किसी में दो विषय विशेषज्ञ शिक्षक पदस्थ हैं। इससे शैक्षणिक कार्यभी प्रभावित हो रहा है। स्कूल में कामर्स संकाय के छात्रों को प्रवेश तो दिया गया है। लेकिन उनको पढ़ाने के लिए कामर्स के शिक्षक का पद स्वीकृत नहीं है। स्कूल स्तर पर व्यवस्था कर पढ़ाई करवाई जा रही है।

विभाग द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार उत्कृष्ट स्कूल परिसर में 16 कक्षों की आवश्यकता है। साथ ही कक्षा ग्यारहवीं, बारहवीं में डायवर्सी ग्रुप के छात्रों के लिए चार कक्षों की अलग से व्यवस्था होना चाहिए। भौतिक, रसायन और जीव विज्ञान के साथ भाषा, गणित विषय की लैब संचालित करने का प्रावधान भी है। उत्कृष्ट विद्यालय में छात्रों को संगीत की शिक्षा दी जाना भी जरूरी है। लेकिन इस तरह की सुविधा जिला मुख्यालय के स्कूल में नहीं है। बताया जा रहा है कि पड़ोसी जिला विदिशा, होशंगाबाद और सीहोर में पर्याप्त व्यवस्था और मापदण्डों के अनुसार छात्रों को सुविधाएं मिल रही है।

वर्जन ...

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लोक शिक्षण संचालनालय को यहां की व्यवस्थाओं और सुविधाओं से अवगत करा दिया गया है। लेकिन अभी तक शिक्षकों के पद और नए भवन की स्वीकृति नहीं मिली है। अब पुन: पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
-आनंद शर्मा, प्राचार्य शासकीय उत्कृ ष्ट स्कूल रायसेन

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