रायसेन. पेट दर्द का इलाज कराने चार दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती हुई एक युवती को गुरुवार सुबह छह बजे नर्स ने इंजेक्शन लगाया, उसके बाद युवती बेहोश हो गई। जिससे परिजन घबरा गए और जमकर हंगामा किया। दो घंटे तक युवती को होश नहीं आया तो युवती को स्ट्रेचर पर डालकर अस्पताल से बाहर सडक़ पर आकर जाम लगा दिया। युवती के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान कुछ कांग्रेस नेता भी पहुंचे गए और अस्पताल के डॉक्टर, नर्सों पर लापरवाही के आरोप लगाए। जाम की सूचना मिलने पर पहुंचे एसडीएम मुकेश सिंह ने परिजनों को समझाइश देकर वापस अस्पताल में पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार ग्राम बनगवां निवासी हेमराज गौर ने अपनी 20 वर्षीय बेटी आयुषी को चार दिन पहले पेट और कमर दर्द का इलाज कराने अस्पताल में भर्ती किया था। गुरुवार सुबह युवती को उलटियां हुईं, जिससे वह कुछ खा नहीं रही थी। पिता हेमराज ने नर्स से गोली देने के लिए कहा, जिस पर नर्स ने एक इंजेक्शन आयुषी को लगाया। कुछ देर में युवती बेहोश हो गई। जिससे उसके परिजन घबरा गए और हंगामा करने लगे।
फिर अस्पताल में किया भर्ती
अधिकारियों की समझाइश के बाद हेमराज ने बेटी को फिर से अस्पताल में भर्ती कर दिया। उसे अपने बेटी को भोपाल ले जाने की सलाह भी दी गई, लेकिन वो इसके लिए भी तैयार नहीं हुआ। हालांकि इलाज के बाद युवती की हालत में सुधार हो गया।
इनका कहना है
अस्पताल में भर्ती युवती की हालत बिल्कुल ठीक है। इलाज में लापरवाही की बात गलत है, उसका समुचित इलाज किया जा रहा है। सुबह उसकी तबीयत बिगड़ी थी, बाद में ठीक हो गई। हमने रेफर करने के लिए भी कहा था, लेकिन उसके पिता तैयार नहीं हुए।
डॉ. विनोद परमार, आरएमओ जिला अस्पताल।
—————