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रायसेन

डूब प्रभावितों को एक पखवाड़ा में दें मुआवजा

विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने की समीक्षा, एलिवेटेड कॉरीडोर का किया निरीक्षण।

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बेगमगंज. मप्र विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने बुधवार को समीक्षा बैठक ली। जिसमें सभापति सिलवानी विधायक रामपाल सिंह तथा विशेष आमंत्रित सदस्य लोक लेखा समिति के सभापति पीसी शर्मा ने विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। समिति के सदस्य मनोज नारायण सिंह चौधरी, डॉ हिरालाल अलावा वीसी के माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में सबसे ज्यादा फजीहत विद्युत वितरण विभाग, पीएचई, जल निगम विभाग तथा लोक निर्माण विभाग व एमपीआरडीसी की हुई। समिति के समक्ष इन विभागों की सबसे ज्यादा शिकायतें आईं। उसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग का नंबर आया। समिति ने नल जल योजना के तहत पाइप लाइन विस्तार में सही काम नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। एमपीआरडीसी के अधिकारी ने बताया कि बीना परियोजना के अंतर्गत मडिया बांध से 20 मार्ग बाधित हो रहे हैं, लेकिन मात्र एक मार्ग पर काम जारी है। शेष 19 मार्गों पर निर्माण होने की स्वीकृति पर अनुमोदित होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
1600 किसानों को नहीं मिला मुआवजा
बीना परियोजना मडिया बांध प्रभावित करीब 1600 किसानों का मुआवजा नहीं मिला है। यह मुआवजा एक पखवाड़ा में देने के निर्देश दिए। सभी गांव में डीपी रखवाकर विद्युत व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि वनाधिकार पट्टे देने के बाद नामातंरण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। बैठक में एसपी विकाश शाहवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उच्च गुणवत्ता से कराएं एलीवेटेड कॉरीडोर का निर्माण
समिति ने रायसेन-गैरतगंज-राहतगढ़ मुख्यमार्ग एलिवेटेड कॉरीडोर का निरीक्षण किया। सभापति सिंह ने निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कॉरीडोर के निर्माण से पर्यटन के क्षेत्र में भी नाम होगा। लोक लेखा समिति के सभापति पीसी शर्मा ने भी संबोधित किया। निरीक्षण के दौरान कॉरीडोर की स्टेंडर्ड पेनीट्रेशन टेस्टिंग के लिए सैम्पल भी लिया गया। उल्लेखनीय है कि रायसेन-गैरतगंज-राहतगढ़ मुख्य मार्ग के चैनेज 83$250 से चैनेज 92$355 में मढिय़ा डेम, बीना डेम इरिगेशन प्रोजेक्ट के डूब क्षेत्र में 9.105 किमी लम्बाई में एलीवेटेड कॉरीडोर का निर्माण कराया जा रहा है। जिसकी लागत 188.14 करोड़ रुपए है।
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