
दर्जा मिला नगर पालिका का, सुविधाएं गांवों से भी बदतर
रायसेन. शहर में नगर पालिका वार्ड एक का हिस्सा कहे जाने वाले पीपलखेड़ा की हालत वर्षों से खराब है। इस गांव को नगर पालिका में शामिल कर लिया गया मगर यहां पर सुविधाएं आज भी गांव जैसी ही हैं। जबकि यहां रहने वाले लोग नगरीय निकाय के चुनाव में मतदान करते हैं। भोपाल-विदिशा बायपास रोड के उस पार पहाड़ी पर बसे गांव पीपल खेड़ा में पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं बनाई जा सकी। लोग पथरीले और उबड़-खाबड़ रास्ते से होकर आवागमन कर रहे। सबसे बड़ी परेशानी ग्रामीणों को बिजली और पानी की है। यहां पर आज तक बिजली सप्लाई नहीं पहुंचाई गई। जबकि इसे जिला मुख्यालय की नगर पालिका का एक भाग माना जाता है।
पेयजल के लिए भी ग्रामवासियों को दूर खेतों से जाकर पानी लाना पड़ रहा। जबकि चुनाव के समय राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि बड़े-बड़े वादे करते हैं। मगर आज तक यहां रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल सकी है। इन समस्याओं को लेकर मंगलवार को ग्राम के महिला-पुरुषों ने कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को अपनी समस्याएं बताई और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। इस मौके पर ज्ञान सिंह, राजू, विनय, अजीम, मकसूद, सुनील, अमीन, इदरीश मौजूद रहे।
बागोद गांव में बिजली की सप्लाई बंद हुई
रायसेन. जिला मुख्यालय के नजदीक बसे गांव बागोद की महिलाओं ने बताया कि उनके गांव की बिजली कंपनी के अफसरों ने विद्युत सप्लाई बंद कर दी। इससे गांव के लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण महिला सुनीता बाई ने कहा कि बिजली के बिल भी ज्यादा आ रहे हैं। इस समस्या के कारण गरीब वर्ग के लोग भी परेशान हैं। यही नहीं गांव के पात्र लोगों को अब तक पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया, जिससे लोग झोपड़ी और कच्चे मकानों में अव्यवस्थाओं के बीच गुजर-बसर कर रहे हैं। कलेक्टर अरविंद कुमार दुबे को आवेदन देकर महिलाओं ने बिजली समस्या हल करवाने सहित पीएम आवास योजना का लाभ दिलाए जाने की मांग की।
Published on:
27 Sept 2022 11:43 pm
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