
Raisen 'We all know that Bharat Ratna Dr. Bhimrao Ambedkar has composed the Constitution. But there was a need to understand the challenges behind the creation of this constitution. If Baba Saheb did not give place to social harmony in the constitution of the Constitution, then the situation of our country is somewhat different today.
रायसेन. 'हम सभी यह जानते हैं कि भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान की रचना की है। मगर इस संविधान के निर्माण के पीछे कितनी चुनौतियां थी इसे समझना होगा। अगर बाबा साहब संविधान की संरचना में सामाजिक समरसता को स्थान नहीं देते तो आज हमारे देश के हालात कुछ अलग होते। बाबा साहेब की दूरदृष्टित के कारण ही भारत देश आज एक झंडे के नीचे खड़ा है। अनेक धर्म अनेक जातियां अनेक भाषाएं होने का बाद भी हम सब भारतीय भारत मां की संतान हैं।
यह विचार प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने व्यक्त किए। डॉ. चौधरी बुधवार को यहां बिटनरी के कामधेनु परिसर में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 128वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कर्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में चन्दा सारिपुत्र, मुख्य वक्ता सन्तोष जाटव, अमित सिंह नागपुर, डूडा अधिकारी प्रहलाद कुमार चावला, हीरानंद नरवरिया, बाल्मीकि समाज के जिलाध्यक्ष विजयराम लोहट, शाक्य कोरी समाज के अध्यक्ष मुकेश शाक्य, मालवीय समाज के जिलाध्यक्ष राकेश मालवीय, माखन रजक गैरतगंज, विमलेश कुमार जाटव, शनि तिलचोरिया, वंशकार समाज के अध्यक्ष बलिराम वंशकार, खटीक समाज अध्यक्ष मनोज खत्री, अहिरवार समाज के अध्यक्ष झब्बू लाल, इमरत लाल अहिरवार, पवार समाज के अध्यक्ष शैतान सिंह पंवार, राजेश पवार, अनुसूचित जनजाति समाज के अध्यक्ष नरेश जगेत, कैलाश खत्री पहलवान आदि उपस्थित हुए।
मंचासीन अतिथियों को शाल श्रीफ ल देकर बेच लगाकर स्वागत सम्मान किया गया। मंच संचालन शिक्षक देवीदयाल भारती ने किया। अंत में आभार व्यक्त डॉ. बीएस अहिरवार ने माना। यह आयोजन एससी एसटी युवा संघ रायसेन के बैनर तले किया गया। डॉ. चौधरी ने कहा कि आज यदि बाबा साहेब ने छुआछूत की लड़ाई दलितों की भलाई के लिए नहीं लड़ी होती तो समाज का क्या स्वरूप होता। बाबा साहेब की जन्म स्थली मध्यप्रदेश के महू इंदौर को संपूर्ण विश्व में तीर्थ स्थान का दर्जा मिलना चाहिए।
विजय राम लोहट एडवोकेट ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलना चाहिए। आयोजन में चन्दा सारिपुत्र, गौरव चौधरी अजय जाटव, विमलेश जाटव ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व शहर के पातनदेव के मारुति नन्दन मन्दिर से पूजन आरती के बाद डॉ. भीमराव अम्बेडकर का चल समारोह गाजेबाजों के बीच निकाला गया। चल समारोह में घोड़ा बग्घी में बाबा साहेब की मनमोहक झांकी लगाई गई। चल समारोह में सीताराम रायकवार,राजकुमार शामिल हुए।
Published on:
18 Apr 2019 02:04 am
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