रायसेन. एक नाबालिग लडक़ा हाथ ठेला पर सब्जी बेचने के बहाने शही की कॉलोनियों में फेरी लगाता था और यह ताड़ता था कि कौन से घर पर ताला डला है। कितने दिन से घर पर कोई नहीं आया है। ऐसे घरों की जानकारी एकत्र कर वह चोरों के सरगना को देता था और फिर मौका मिलते ही ऐसे घर के ताले तोडकऱ चोरी की घटना को अंजाम देते थे। ऐसे 10 घरों में चोरी की बारदात करने वाले दो चोरों सहित एक नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनसे लगभग 10 लाख रुपए के सोना, चांदी के आभूषण जब्त किए हैं। शनिवार को आरोपियों ने अदालत में पेश किया गया। जहां से अन्य बारदातों की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया।
एसपी विकास शाहवाल तथा एएसपी अमृत मीणा ने चोरियों का खुलासा करते हुए बताया कि बीते छह-सात माह में शहर की अनेकों कालोनियों में सूने घरो में चोरों ने निशाना बनाया। चोरों की तलाश के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान संदेही 20 वर्षीय देवेंद्र मिश्रा पुत्र गोपाल मिश्रा निवासी वार्ड 4 रायसेन तथा 22 वर्षीय सचिन वंशकार पुत्र महेश वंशकार निवासी तालाब मोहल्ला रायसेन तथा एक नाबालिग लडक़े को उठाकर पूछताछ की। जिसमें उन्होंने शहर के मुखर्जी नगर, पटेल नगर, अवन्तिका कालोनी, हटोर मोहल्ला, भारत नगर, ताजपुरा, तहसील कालोनी तथा घाटमपुरा में सूने मकानों में चोरी की 10 बारदातें करना स्वीकार किया।
चोरी के रुपए से चुकाया बैंक का लोन
एसपी शाहवाल ने बताया कि आरोपियों ने दस घरों में चोरी से मिले रुपयों से लगभग सवा लाख रुपए का बैंक का लोन पटाया। तथा बाकी रुपए खाते में जमा कर दिए। पुलिस ने उक्त खातों को सीज करा दिया है। अभी आरोपियों से और भी रुपए, जेवर बरामद होने की संभावना है। उनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आरोपियों से सोने चांदी के जेवर, दो मोबाईल सहित लगभग 10 लाख रुपए का मशरुका पुलिस ने जप्त किया है। उक्त घटनाओं का मास्टर माइंड देवेंद्र मिश्रा है, जो वारदातों को अंजाम देता था।
आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मनोज सिंह, उनि वीरेंद्र सेन, शैलेंद्र दायमा, सुरेश कुजूर, पदमा बरकरे, सतीश जालवान, मुकेश चौरसिया, राजेश नेहरा, मनोज मेहरा, दुर्गेश राजपूत आदि की भूमिका रही।
चोर का भाई करता है अड़ीबाजी
पुलिस कंट्रोल रूम में चारियों की खुलासा कर रहे एसपी के पास पहुंचे सराफा व्यापारियों ने आवेदन देकर बताया कि दिलीप मिश्रा नाम का युवक सराफा व्यापारियों को फोन कर रुपए मांगता है। नहीं देने पर चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखाने की धमकी देता है। दिलीप बीते कई महीनों से धमकी भरे फोन कर रहा है। शिकायत करने पर कोतवाली पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। सराफा एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोविंद सोनी ने दिलीप मिश्रा के मोबाइल नंबर देते हुए कार्रवाई की मांग की। उल्लेखनीय है कि दिलीप मिश्रा चोरी की बारदातों के सरगना देवेंद्र मिश्रा का भाई बताया जाता है।
जज के यहां हुई का सुराग नहीं
पुलिस ने छह माह में शहर में दस चोरियों के आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन बीते दिनों शीतल सिटी में जज के घर सहित पांच घरों में हुई चोरियों का सुराग फिलहाल नहीं लगा है। पुलिस का अनुमान है कि उक्त चोरी बाहर के गिरोह ने की हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
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