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विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर नहीं विश्राम गृह

वीआइपी को रुकने के लिए सांची में नहीं मिलता ठिकाना

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वीआइपी को रुकने के लिए सांची में नहीं मिलता ठिकाना

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर नहीं विश्राम गृह

सांची. विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सांची में हर दिन देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। यहां मंत्रियों और प्रदेश तथा केन्द्रीय स्तर के अधिकारियों का भी आना जाना रहता है, लेकिन इनको कुछ समय विश्राम के लिए को नगर में कोई व्यवस्था नहीं है। अक्सर देखा गया है कि अधिकारी, नगर के पुलिस प्रशासन या ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से विश्राम ग्रह के बारे में पूछते हैं, लेकिन विश्राम ग्रह नहीं होने की बात पता चलने पर वे निराश होते हैं। सांची में दो साल पहले तक विश्राम ग्रह था। जो जिले का सबसे अच्छा विश्राम ग्रह था, लेकिन शासन और अधिकारियों ने विश्राम ग्रह को पर्यटन विकास निगम के सुपुर्द कर दिया, जिसने उसे जंबूद्वीप पार्क में शामिल कर लिया। पास ही बने पुराने मार्शल हाउस को पुरातत्व विभाग ने अपने आधिपत्य में ले लिया।

इस निर्णय से सांची पर्यटन स्थल अब विश्रामगृह जैसी सुविधा से वंचित हो गया है। जबकि विश्रागृह की सुविधा सांची जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर आवश्यक रूप से होनी चाहिए। जब विश्राम गृह पुरातत्व विभाग में चला गया, तो इसका विकल्प भी देखना चाहिए था, क्योंकि यहां आने वाले अधिकारी, मंत्री अब पर्यटन विकास निगम के होटल गेटवे रिट्रीट में जाने के लिए मजबूर होते हैं, जहां उन्हें निजता की कमी अखरती है। लोक निर्माण विभाग की पहल पर पर्यटन विभाग द्वारा सांची में बनाए गए कैफेटेरिया को विश्राम गृह बनाने के लिए बीच में चर्चा चली थी, लेकिन अब वहां भी बौद्ध यूनिवर्सिटी को शिफ्ट कर दिया गया। अब विश्रामग्रह के लिए कोई भवन नजर नहीं आता।
पीडब्ल्यूडी इंजीनियर रोहित श्रीवास्तव का कहना है कि शासन जैसा आदेश करेगा उसका पालन करेंगे। वर्तमान में विश्राम ग्रह की सुविधा यहां नहीं मिल पा रही है।

सांची में विश्राम भवन होना चाहिए, इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जानकारी भेजी गई है कि यहां विश्रामगृह नहीं है, लेकिन अभी तक कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
-विराट अवस्थी, तहसीलदार सांची