
Raisen. Rajesh Chadhar, a one-year-old dakshi daughter who is obsessed with eyes since birth, will soon get light. Bareilly Tehsildar Nikita Tiwari has launched the 'Daakshi Ko Milegi Darshan' campaign to treat Daakshi. He has taken time from a doctor at a large hospital in Hyderabad to treat Daakshi's eyes.
रायसेन. जन्म से ही आंखों से मोहताज एक साल की दाक्षी पुत्री राजेश चढार को जल्द ही रोशनी मिलेगी। बरेली तहसीलदार निकिता तिवारी ने दाक्षी के इलाज के लिए 'दाक्षी को मिलेगी दृष्टि' अभियान शुरू किया है। उन्होंने दाक्षी की आंखों का इलाज कराने के लिए हैदराबाद के एक बड़े अस्पताल में डॉक्टर से समय लिया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले पत्रिका की पहल पर बरेली के पास ग्राम भोडिया निवासी पांच वर्षीय पलक मालवीय का इलाज भोपाल के जेपी अस्पताल में चल रहा है।
उसके इलाज में मदद के लिए कई समाजसेवी आगे आए हैं, जिसकी मदद समाजसेवी द्वारा की जा रही है।
चौकीदार हैं पिता
ग्राम जनकपुर के चौकीदार राजेश चढ़ार की एक वर्षीय बेटी दाक्षी को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता है, जगह-जगह जांच के बाद डॉक्टरों द्वारा इस बच्ची को हैदराबाद के एक अस्पताल में इलाज के लिए कहा गया, लेकिन इस बेटी के पिता एक चौकीदार हैं और हैदराबाद के अस्पताल में अपनी बेटी का इलाज कराने में समर्थ नहीं हैं।
बरेली तहसीलदार निकिता तिवारी को जब यह बात पता चली तो उन्होंने बच्ची दाक्षी का इलाज कराने का फैसला किया। उन्होंने हैदराबाद के उस अस्पताल से संपर्क किया और अपॉइंटमेंट लिया।
अस्पताल ने अगले महीने की तारीख दी है। दाक्षी के इलाज के लिए शासन की आयुष्मान भारत योजना की मदद ली जा रही है, जिससे दाक्षी का इलाज संभव हो पाएगा और इलाज के बाद यह बच्ची दोबारा देख पाएगी।
-हैदराबाद में डॉक्टरों से बात कर ली गई है। नवंबर में दाक्षी को इलाज के लिए ले जाया जाएगा।
-निकिता तिवारी, तहसीलदार बरेली
Published on:
21 Oct 2019 02:04 am
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