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वार्ड 9, 11, 12 में खुला पड़ा है नाला, बच्चों के गिरने का खतरा, नपा नहीं दे रही ध्यान

वार्ड 17 में भी यही परेशानी, पहले हादसा हो चुका, निरीक्षण दल ने भी दिए थे नाले बंद करने के निर्देश तीन वार्डों के रहवासी खुले नाले से परेशान...

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वार्ड 9, 11, 12 में खुला पड़ा है नाला, बच्चों के गिरने का खतरा, नपा नहीं दे रही ध्यान

रायसेन। शहर में नगर पालिका ने पानी के ज्यादा बहाव वाले स्थानों पर लाखों रुपए खर्च कर आरसीसी के नाले तो बनवा दिए, लेकिन उन्हें कवर्ड कराना जरूरी नहीं समझा। जिससे आसपास के रहवासियों को हरदम खतरे का अंदेशा लगा रहता है। रहवासी क्षेत्रों से निकले इन नालों के समीप छोटे बच्चे भी खेलते रहते हैं। ऐसे में लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन जिम्मेदारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

औपचारिकता पूरी कर दी गर्ई...
नगर के वार्ड नौ, ग्यारह, बारह से होकर आरसीसी के नाले निकले हैं। जबकि वार्ड नौ में तालाब मोहल्ले में लगभग पांच वर्ष पहले नाला बनाया गया है। लेकिन अब तक पूरे नाले को ऊपर की तरफ से बंद नहीं किया गया है। कुछ हिस्से में ही कवर्ड कर औपचारिकता पूरी कर दी गर्ई। तहसील कार्यालय के पीछे वाला बाकी हिस्सा खुला पड़ा है। जबकि इसमें तीन-चार बार पशु भी गिर चुके हैं। इसी तरह के हालात वार्ड 11 और 12 में बनाया गए नाले की है। यहां के रहवासी तो ज्यादा ही परेशानी उठा रहे हैं।

लोगों ने आवाजाही के लिए स्वयं रखी फर्सियां
वार्ड नौ में तहसील कार्यालय के पिछले हिस्से और तालाब मोहल्ला से गुजरे भाग में रहवासियों ने आवाजाही करने के लिए स्वयं के खर्चे से फर्सियां रख ली है। कई जगह पतली फर्सियां रखी हैं, जिनके टूटने का भय बना रहता है, लेकिन नगर पालिका ने इस पर आरसीसी नहीं कराया, जिससे कई रहवासियों के वाहन इसी तरफ खड़े रहते हैं।


जानकारी के अनुसार नपा ने लगभग नौ लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया है। तालाब मोहल्ला निवासी राजू मालवीय, अमित यादव, भोला आदि का कहना है कि नगर पालिका को इस नाले को जल्द कवर्ड करवाना चाहिए। जिससे लोग यहां पर सुरक्षित रूप से रह सकें। क्योंकि तेज बारिश होने पर नाले का पानी सड़क और घरों तक पहुंच जाता है।

प्राइमरी स्कूल के पीछे खुला है नाला
वार्ड 11 और 12 में पटेल नगर के रहवासियों के लिए भी ये नाला हर दिन परेशानी देता है। नाले के समीप ही प्राइमरी स्कूल भी संचालित होता है। छोटे बच्चे यहीं से ही आना-जाना करते हैं। खेल मैदान नहीं होने
से बच्चे स्कूल के आसपास ही खेलते हैं।

ऐसे में खतरा ज्यादा लगा रहता है। वहीं स्कूली बच्चों और शिक्षकों को खुले नाले से उठने वाली बदबू परेशानी देती है। यहां टर्निगं वाले स्थानों पर भी नालों को नहीं ढका गया है। जिससे कई बार दो पहिया वाहन चालक भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए।

बारिश में घरों में भराता है पानी
पटेल नगर क्षेत्र के रहवासियों के लिए बारिश में यह नाला ज्यादा कष्टदायी होता है। बारिश में उन्हें ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आधा-अधूरे क्षेत्र में बने नाले से पानी की निकासी नहीं हो पाती।

इसके अलावा नाला खुला होने से गंदा पानी लोगों के घरों में भरा जाता है। इस बार बारिश नाले के समीप बने लगभग पचास घरों में पानी भरा गया था। जिससे कई लोग परेशान हुए थे। इसके बाद भी नपा ने नाले को कवर्ड कराना उचित नहीं समझा। जबकि यहां के लोग कई बार नपा कार्यालय जाकर समस्या बता चुके हैं।

कचरा पहुंचने से भरा रहा है नाला, दुर्गंध से रहवासी परेशान
वार्ड नौ, ग्यारह और बारह पटेल नगर में नाला खुला होने से घरों का कचरा और सड़क की धूल नाले में पहुंचती है, जिससे नाला पूरी तरह से ठसाठस भरा है। नियमित सफाई नहीं होने से पानी का निकास भी नहीं हो रहा, जिससे रहवासियों को सड़ांध से दिक्कत उठानी पड़ती है। गंदगी, बदबू से स्कूली बच्चे सहित रहवासी खासे परेशान हैं।

नाले से उठने वाली दुर्गंध लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती है। रहवासी मीरा बाई, दमयंती बाई, आशीष कुमार, जय सिंह आदि ने बताया कि नगर पालिका ने यहां पर नाला भी अधूरा बनाया और सड़क भी कच्ची है। बारिश के दिनों में नाले का पानी बाहर आने पर समस्या ज्यादा हो जाती है।

जो पूर्व में नाले बन चुके हैं उन्हें भी और जो नए निर्माण कराए जाएंगे उन्हें भी कवर्ड कराया जाएगा।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नगर पालिका रायसेन