
25 गंवों में गिरे ओले, आठ में ज्यादा नुकसान
रायसेन. रविवार सुबह हुई ओलावृष्टि से रायसेल तहसील क्षेत्र के 25 गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि अधिकतर गांव में आंशिक नुकसान हुआ है, आठ गांवों में अधिक नुकसान होना बताया जा रहा है। खेतों में आड़ी पड़ी फसलों धूप निकलने के बाद भी खड़ी नहीं हुई तो इनका नष्ट होना तय है। सोमवार को दोपहर कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने कई गांवों में जाकर खेतों में बर्बाद हुई फसलों को देखा, कलेक्टर ने तत्काल सर्वे करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर अरविंद दुबे, एसडीएम एलके खरे, कृशि अधिकारी एनपी सुमन, नायब तहसीलदार शिवांगी खरे सहित राजस्व अमला ने तिजालपुर, पग्रेश्वर, बारला, परवरिया आदि गांवों का भ्रमण किया। खेतों पर पहुंचकर फसलों को देखा। इन गांवों में रविवार सुबह लगभग आधा घंटा तक ओलावृष्टि हुई थी। जिससे रबी फसलों को खासा नुकसान हुआ है। ओलों की मार से फसलें टूटकर खेतों में आड़ी हो गईं। पहली बोवनी की फसलों को अधिक नुकसान होना बताया जा रहा है। इन फसलों के तने टूट जाने से फिर पनपने की उम्मीद नहीं रही है। कितने हैक्टेयर में नुकसान हुआ, इसका आंकलन सर्वे के बाद हो पाएगा। मंगलवार से सर्वे दल खेतों में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
गांवों में पहुंचे अधिकारियों को किसानो ने फसलों की स्थिति बताई। किसानो ने बताया कि रविवार सुबह चार बजे हुई ओलावृष्टि से सुबह नो बजे तक फसलों पर ओलों की परत जमी रही थी। जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
शाम को पहुंचे स्वास्थ मंत्री
स्वास्थ मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी भी शाम छह बजे के बाद प्रभावित गांवों में पहुंचे और फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम बारला में खेतों पर जाकर स्थिति देखी और किसानो से बात कर उन्हे तुरंत सर्वे कराकर मुआवजा देने का भरोसा दिलाया।
इनका कहना है
- क्षेत्र के लगभग 25 गांवों में फसलों को नुकसान हुआ है। इनमें आठ गांवों में अधिक नुकसान हुआ है। सर्वे के लिए दलों का गठन कर दिया है। आज से सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार तय समय में सर्वे कर रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार मुआवजा की कार्रवाई की जाएगी।
एनपी सुमन, उपसंचालक कृषि रायसेन
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Published on:
10 Jan 2022 09:14 pm
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