
बचपन बचाने हुआ सरकार और केएससीएफ के बीच करार
प्रवीण श्रीवास्तव, रायसेन. बचपन बचाओ आंदोलन के जरिए हजारों बच्चों को सुरक्षित जीवन देने और इसी के लिए नोबल शांति पुरस्कार प्राप्त करने वाले कैलाश सत्यार्थी का फाउंडेशन एक और योजना पर काम कर रहा है। जिसे अब प्रदेश में भी लागू किया गया है। गांवों के स्तर पर बच्चों को हर प्रकार के शोषण से बचाने के लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के सफल प्रयोग बाल मित्र ग्राम को राज्य के कई गांवों में लागू करने का फैसला किया है। बच्चों को औपचारिक शिक्षा से जोड़कर और उन्हें स्कूलों में बनाए रखते हुए गांवों के स्तर पर बच्चों के लिए शोषणमुक्त वातावरण का निर्माण इसका मुख्य लक्ष्य होगा। इस संबंध में महिला एवं बाल कल्याण विभाग और केएससीएफ ने एक समझौता पर हस्ताक्षर किए हंै, जिसके तहत मध्य प्रदेश के फिलहाल 10 जिलों के 100 गांवों को बाल मित्र ग्राम बनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम के तहत गांवों को बाल श्रम और बच्चों को अन्य प्रकार के शोषण से मुक्त किया जाएगा। बच्चों तथा समुदायों की सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही बाल भागीदारी और बच्चों के बीच नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देना मूल उद्धेश्य होगा। बीएमजी बाल मित्र समाज बनाने की नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की एक अभिनव पहल है।
क्या है बीएमजी
बीएमजी ऐसे गांवों को कहते हैं जहां के बच्चे बाल मजदूरी नहीं करते हों और वे सभी स्कूल जाते हो। वहां एक चुनी हुई बाल पंचायत होती है, जिसे ग्राम पंचायत मान्यता देती है। ग्राम पंचायत के निर्णयों में बच्चों का प्रतिनिधित्व होता है। इसके निर्माण की एक सतत और समय आधारित प्रक्रिया है। बच्चों के संरक्षण और बच्चों पर केंद्रित ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध बाल मित्र ग्राम एक समग्र कार्यक्रम है जिसे हर बच्चे को सुरक्षित, स्वतंत्र, स्वस्थ और शिक्षित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
गंजबासोदा के 20 गांव शामिल किए
केएससीएफ ने कैलाश सत्यार्थी के पैत्रिक जिला विदिशा के गंजबसौदा में 10 गावों को बाल मित्र ग्रामों में परिवर्तित किया है। यहां के 20 अन्य गांवों को भी बाल मित्र ग्रामों में बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। यह प्रोजेक्ट ब्राजील के प्रसिद्ध संगीतकार और गीतकार आलोक की संस्था आलोक इंस्टीट्यूट ऑफ ब्राजील के सहयोग से शुरू किया गया है। कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन सीधे इस कार्यक्रम को 30 गांवों में लागू करेगा और 100 गांवों में इस मॉडल को दोहराने में सरकार सहयोग करेगी।
इनका कहना है
हमें बाल मित्र ग्राम के अपने प्रभावी मॉडल को लागू कराने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ सहयोग करने में प्रसन्नता हो रही है। बाल मित्र ग्राम, बाल संरक्षण और बाल केंद्रित ग्रामीण विकास का हमारा सतत और समग्र निवारक कार्यक्रम है। ताकि हर बच्चा सुरक्षित, मुक्त, स्वस्थ और शिक्षित हो।
एससी सिन्हा, सीइओ कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन
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Published on:
12 Nov 2021 12:12 pm
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