
रायसेन. जिले में विकास और सुविधा के नाम पर शुरू किए कुछ विकास कार्य सालों से अटके पड़े हैं, हर साल बारिश से पहले इन कार्यों के पूर्ण होने का दावा किया जाता है, लेकिन इस साल भी बारिश से पहले ये निर्माण अधूरे पड़े हैं, जो फिर लोगों की परेशानी का कारण बनेंगे। निर्माण की गति का आलम यह है कि सागर रोड पर गैरतगंज और बेगमगंज के बीच 2011 में गिरे काउला पुल का आज तक निर्माण नहीं हो सका है। नेशनल हाइवे 12 पर बरेली के पास बारना नदी के पुल का निर्माण तीन साल से चल रहा है। जिले के ये दोनो प्रमुख मार्ग भारी बारिश में इन पुलों का निर्माण नहीं होने के कारण रुक जाते हैं। पुलों के निर्माण में देरी बारिश में जिले का भोपाल, जबलपुर तथा सागर जैसे प्रमुख शहरों से संपर्क रोकती है।
छह साल बाद शिलान्यास, चार साल से निर्माण अधूरा
फोटो आरएन 2806-04, केप्शन- रायसेन. सागर रोड पर कउला पुल का अधूरा निर्माण।
गैरतगंज और बेगमगंज के बीच कउला नदी का पुल 2011 में एक भारी ट्राला के बोझ से गिर गया था, पुल गिरने के बाद पुराने पुल से वाहनो का आवागमन शुरू हुआ। इस घटना के छह साल बाद तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह राजपूत की मौजूदगी में नए पुल के निर्माण के लिए शिलान्यस किया गया था। तब सड़क विकास निगम के अधिकारियों एवं खुद ठेकेदार ने भी छह माह में पुल का निर्माण कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन आज तक केवल पिलर ही खड़े हुए हैं। जो निर्माण की गति बता रहे हैं।
बीते साल हुई ये परेशानी
हर साल बारिश में जब कउला नदी उफान पर होती है तो पुराना पुल जलमग्र हो जाता है। कई बार दो से चार दिन तक यह मार्ग बंद रहता है। बीते साल भारी बारिश के दौरान पांच बार रायसेन का सागर से संपर्क टूटा पूरे सीजन में कुल 14 दिन यह रास्ता बंद रहा।
तीन साल से जारी है बारना पुल का निर्माण
फोटो आरएन 2806-05, केप्शन- रायसेन. जबलपुर रोड पर बारना पुल फिर बनेगा रुकावट।
नेशनल हाइवे 12 पर बरेली के पास बारना नदी के पुल का निर्माण तीन साल से जारी है, फोर लेन सड़क के साथ बन रहे इस पुल का निर्माण दो साल पहले हो जाना था। लेकिन अभी भी लगभग 40 प्रतिशत काम बाकी है। जबकि इस मार्ग पर यह पुल बहुत महत्वपूर्ण है। बारिश के दिनो में बारना का पुराना पुल हर साल जलमग्र होता है। बाड़ी के बारना बांध से पानी छोड़े जाने पर यह पुल जलमग्र हो जाता है। इस स्थिति में कई-कई दिनो तक जिले की बरेली, उदयपुरा, देवरी तहसील क्षेत्र का राजधानी भोपाल से तथा गोहरगंज, सुल्तानपुर तहसील के लोगों का इन तहसीलों से संपर्क टूट जाता है। भोपाल और जबलपुर के बीच सड़क संपर्क भी टूटा रहता है।
पिछली बारिश में उठाई ये परेशानी
पिछले साल हुई जोरदार बारिश में बारना बांध कई बार लबालब भरा, जिससे कई बार गेट खोलना पड़े थे और हर बार बारना पुल जलमग्र हुआ। पूरे सीजन में कुल 12 बार बांध के गेट खोले गए। जिससे डेढ़ माह में कुल 17 दिन यह रास्ता बंद रहा। जिससे क्षेत्र के व्यापार सहित अन्य गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं।
इनका कहना है
पहले कोरोना काल के समय तथा बारिश जल्द शुरू होने से काम पूर्ण होने में देरी हुई है। निर्माण एजेंसी को जुलाई तक कउला पुल का कार्य पूरा कराना है। लगातार समीक्षा की जा रही है।
रामशंकर कीर, सहायक महाप्रबंधक एमपीआरडीसी के
- बारना पुल पर बेरिंग कोट होना है, डामर आते ही यह काम हो जाएगा। जल्द ही पुल की जबलपुर से भोपाल की ओर वाली लेफ्ट साइड चालू कर देंगे। बारिश में इस बार रास्ता नहीं रुकेगा।
एए खान, प्रोजेक्ट मैनेजर एमपीआरडीसी
-----------------
Published on:
27 Jun 2021 10:48 pm
बड़ी खबरें
View Allरायसेन
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
