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धनतेरस पर पीतल खरीदने से होती है महालक्ष्मी की कृपा: पं. रमेश शर्मा

पीतल खरीदना सबसे ज्यादा शुभ, भगवान धनवंतरी को भाता है पीतल।

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धनतेरस पर पीतल खरीदने से होती है महालक्ष्मी की कृपा: पं. रमेश शर्मा

धनतेरस पर पीतल खरीदने से होती है महालक्ष्मी की कृपा: पं. रमेश शर्मा

चिकलोद. दो नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। धनत्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी जन्म हुआ था, इसीलिए इस दिन को धनतेरस के रूप में पूजा जाता है। दीपावली के दो दिन पहले आने वाले इस त्योहार को लोग काफी धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन गहनों और बर्तन की खरीदारी जरूर की जाती है। यह कहना है वरिष्ठ पंडित रमेश शर्मा का उन्होंने बताया कि शास्त्रों के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान त्रयोदशी के दिन भगवान धनवंतरी प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन को धन त्रयोदशी कहा जाता है। धन और वैभव देने वाली इस त्रयोदशी का विशेष महत्व माना गया है।
कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय बहुत ही दुर्लभ और कीमती वस्तुओं के अलावा शरद पूर्णिमा का चंद्रमा, कार्तिक द्वादशी के दिन कामधेनु गाय, त्रयोदशी को धनवंतरी और कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को भगवती लक्ष्मी जी का समुद्र से अवतरण हुआ था। यही कारण है कि दीपावली के दो दिन पहले त्रयोदशी को भगवान धन्वंतरि के जन्म उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पंडित रमेश शर्मा ने बताया कि भगवान धनवंतरी को नारायण भगवान विष्णु का ही एक रूप माना जाता है। इनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें से दो भुजाओं में वे शंख और चक्र धारण किए हुए है। दूसरी दो भुजाओं में औषधि के साथ वे अमृत कलश लिए हुए हैं। ऐसा माना जाता है कि यह अमृत कलश पीतल का बना हुआ है, क्योंकि पीतल भगवान धनवंतरी की प्रिय धातु है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई कोई भी वस्तु शुभ फल प्रदान करती है और लंबे समय तक चलती है। यदि भगवान की प्रिय वस्तु पीतल की खरीदारी की जाए तो इसका तेरह गुना अधिक लाभ मिलता है।
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