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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लगवाई दुकानें

लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पालन कराने एसडीएम सहित अन्य अधिकारीगण अहमदपुर, जामगढ़, भगदेई एवं सेनकुआ आदि गांव पहुंचे

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सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लगवाई दुकानें

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लगवाई दुकानें

खरगोन. कोरोना विपदा के चलते गांव में भी लाक डाउन है। रविवार को एसडीएम बृजेन्द्र रावत, खरगोन सर्कल की नायब तहसीलदार नीरू जैन एवं सब इंस्पेक्टर एफ एस ठाकुर खरगोन बायपास पर के नजदीक सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए सब्जी, फल की दुकानें लगवाई। नेशनल हाईवे पर पर्याप्त स्थान होने से बिना भीड़ के यहां खरगोन सहित आसपास के गांवों के लोगों को आसानी से फ ल और सब्जियों की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। शासन के लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पालन कराने एसडीएम सहित अन्य अधिकारीगण अहमदपुर, जामगढ़, भगदेई एवं सेनकुआ आदि गांव पहुंचे। गांवों में एसडीएम रावत ने ग्रामीणों से कोरोना से सुरक्षा के लिए पूरी तरह लॉकडाउन का पालन करने की अपील की।

सोशल डिस्टेंसिंग न करने की झूठी शिकायत
बरेली. रविवार को अधिकारियों को सेनकुआ गांव में एक किसान के खेत में बने घर में बड़ी संख्या में बाहरी व्यक्तियों द्वारा जुटकर सोशल डिस्टेंस का उल्लंघन करने की बार- बार शिकायत मिली रही थी। शिकायत के आधार एसडीएम ने दल-बल के साथ सेनकुआ पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। औचक निरीक्षण में शिकायत सही नहीं पाई गई। शिकायत की वास्तविकता जानने एसडीएम बृजेंद्र रावत और एसडीओपी के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।
& शिकायत मिली थी, कि सेनकुआ में एक कृषि फ ॉर्म पर बाहर से आए लोग कई दिन से रुके हुए हैं। जाकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिकायत प्रमाणित नहीं पाई गई।
-बृजेंद्र रावत, एसडीएम।

ऊंटिया के तेईस मजदूर कोल्हापुर में फंसे
बरेली. महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बिजली के पोल लगाने का काम करने बरेली के निकट ऊंटिया से गए २३ मजदूर फंसे हुए हैं। टोटल लॉकडाउन के कारण काम बंद हो जाने से मजदूर अपने घर वापस नहीं आ पा रहे। इन मजदूरों के परिजनों की चिंता दिन व दिन बढ़ती जा रही है। मजदूरों ने कोल्हापुर बिजली कंपनी के अधिकारियों के माध्यम से वापस अपने घर आने की अनुमति के लिए कोल्हापुर कलेक्टर को आवेदन दिया है। अनुमति न मिलने से वे भटक रहे हैं। उनके पास जितने रुपये थे वह लॉकडाउन लागू होने के पहले तीन में ही खर्च हो गए। खाली जेब मजदूरों को वहां रोटी के लाले पडऩे लगे हैं। गाँव का ही राममूर्ति रघुवंशी मजदूरों को अपने साथ कोल्हापुर ले गया था।
काम रुक जाने से अभी तक हुए काम का भुगतान भी नहीं हुआ है। मजदूरों ने मोबाइल पर अपनी की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कॉल, 181 पर भी शिकायत के बावजूद कोई करवाई नहीं हुई है।