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Silwani vidhansabha Election result 2023 – रामपाल पर फिर भारी पड़े देवेेंद्र, बीजेपी की लहर में भी हराया

सिलवानी सीट पर कांग्रेस के देवेंद्र पटेल ने बीजेपी के रामपालसिंह को 11454 वोटों से हराया। देवेंद्र पटेल को 95935 मत मिले जबकि रामपाल को 84481 मत प्राप्त हुए।

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सिलवानी सीट पर कांग्रेस के देवेंद्र पटेल ने बीजेपी के रामपालसिंह को 11454 वोटों से हराया। देवेंद्र पटेल को 95935 मत मिले जबकि रामपाल को 84481 मत प्राप्त हुए।

रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा सीट निर्दलीय द्वारा दिग्गज नेता को पटकनी देने के लिए जानी जाती है। अपने गठन के 15 सालों में ही प्रमुख मुकाबले की जमीन बनी सिलवानी विधानसभा एक बार फिर 2023 के चुनाव में कड़े मुकाबले की साक्षी बने।

भाजपा ने यहां से एक बार फिर रामपाल सिंह प्रत्याशी घोषित किया जबकि कांग्रेस की ओर से भी देवेंद्र पटेल को चुनावी मैदान में उतारा गया। ये दोनोें पुराने प्रतिद्वंद्वी हैं।

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रायसेन जिले की सिलवानी विधानसभा के गठन के बाद यह उसका चौथा चुनाव होगा। विधानसभा क्षेत्र गठन के बाद से ही इस सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा है। जनजातीय बाहुल्य इस विधानसभा में विकास ही प्रमुख मुद्दा रहा है।

सीट का इतिहास
पिछले चुनाव पर नजर डालें तो भाजपा के रामपाल सिंह ने कांग्रेस के देवेंद्र पटेल को 7072 वोटों से हराया था। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आदिवासी नेता नीलमणि शाह ने 16892 वोट प्राप्त किए थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आदिवासी वोट इस विधानसभा में कितने प्रभावी हो सकते हैं।

खास बात यह कि जिले में तीसरी ताकत यानि भाजपा और कांग्रेस के अलावा तीसरी पार्टी ने इसी सीट से जीत हासिल की थी। गठन के बाद 2008 में हुए पहले चुनाव में यहां से उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी ने जीत का परचम फहराया था। उस चुनाव में भाजश से देवेंद्र पटेल ने जीत हासिल की थी।

उन्होंने उदयपुरा विधानसभा से लगातार चार चुनाव जीतने वाले भाजपा के रामपाल सिंह को बेहद नजदीकी मुकाबले में मात्र 247 वोटों से हराया था। हालांकि इसके बाद के दो मुकाबलों 2013 और 2018 में रामपाल सिंह ने देवेंद्र पटेल को हराकर बदला ले लिया। इन दो चुनावों में देवेंद्र पटेल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे। जनशक्ति पार्टी के भाजपा में विलय के बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था।

निर्दलीय की संख्या सबसे ज्यादा
सिलवानी विधानसभा के गठन के बाद से अब तक तीन चुनाव ही हुए हैं। इन तीन चुनावों में ही 50 निर्दलीय या अन्य दलों के प्रत्याशी चुनाव लड़ चुके हैं। जोकि बाकी विधानसभाओं से बहुत ज्यादा हैं।

सामाजिक समीकरण
सिलवानी विधानसभा आदिवासी और पिछड़ा वर्ग बहुल है। यहां जीत और हार का फैसला आदिवासी मतदाता करते रहे हैं जो सबसे ज्यादा लगभग 27 हजार हैं। सिलवानी विधानसभा में राजपूत, ठाकुर तथा दांगी समाज के करीब 23 हजार वोट हैं। ब्राह्मण समाज भी यहां लगभग 24 हजार वोटों के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता है।

एससी वर्ग 20 हजार और मुस्लिम वर्ग के 16 हजार वोटों के अलावा साहू, कुशवाहा, जैन, रघुवंशी, यादव, कुर्मी, किरार समाज के मतदाता भी अपनी उपस्थिति से चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं। जो सभी आठ से दस हजार के आस-पास हैं। इनके अलावा किरार, गुर्जर, घोषी, विश्वकर्मा, सेन, कायस्थ, मीणा, सोनी, केवट, गोस्वामी, नेमा, पटवा जैसे समाजों के वोट भी इस विधानसभा में हैं। हालांकि जीत के लिए दोनो की पार्टियां आदिवासी वोटों पर ही अपनी ताकत झोंकती हैं।

सिलवानी विधानसभा
भाजपा : रामपाल सिंह राजपूत
उम्र : 67 साल
शिक्षा : एलएलबी
कॅरियर : राजनीति का अच्छा अनुभव, सात बार विधायक, दो बार मंत्री, एक बार सांसद रहेे।
ताकत
लगातार चुनाव जीते, रणनीति बनाने में निपुण।
क्षेत्र के लोगों से सीधा संपर्क और जुड़ाव।
विकास कार्य और दो सिंचाई योजनाएं लाना।

कांग्रेस : देवेंद्र पटेल
उम्र : 53 साल
शिक्षा : हायरसेकंडरी
कॅरियर : एक बार विधायक का चुनाव जीते और छात्र राजनीति के समय से सक्रिय।
ताकत
क्षेत्र में सामाजिक वोट के साथ अच्छी पकड़।
तीसरे दल से जीतने वाले पहले विधायक रहे।
क्षेत्र में लगातार लोगों से जुड़ाव और सक्रियता।

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