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नई पीढ़ी बोरास शहीदों के बलिदान से लें देश भक्ति की प्रेरणा

इस वर्ष भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया

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इस वर्ष भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया

नई पीढ़ी बोरास शहीदों के बलिदान से लें देश भक्ति की प्रेरणा

उदयपुरा. तहसील मुख्यालय से छह किमी दूर ग्राम बोरास में प्रतिवर्ष शहीदों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। इस वर्ष भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों का शाल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर सिलवानी विधायक रामपाल सिंह के साथ क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल बोरास घाट पहुंचे। यहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बलिदानियों के बलिदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर रामपाल सिंह कहा कि बोरास शहीदों का सम्मान इतिहास के पन्नों से कई सालों तक गायब रखा गया। मगर भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा एवं सभी कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों से बोरास के इस बलिदान को इतिहास के पन्नों में सन 2017 में शामिल किया गया। ताकि आने वाली पीढ़ी इनके बलिदान को याद कर सदा देश भक्ति की प्रेरणा लेती रहे।

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता बृजगोपाल लोया ने विलीनीकरण आंदोलन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बोरास नर्मदा घाट में 14 जनवरी को शहीदों के बलिदान का गवाह है। कैसे चार रणबांकुरों ने अपने प्राणों की आहुति देकर रियासत भोपाल के राज की चूलें हिला दी थी और देश की आजादी के 659 दिन बाद रायसेन जिले में तिरंगा फ हराया जा सका था। क्षेत्र के विधायक देवेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि शहीदों की स्मृति में उदयपुरा तहसील के ग्राम बोरास में नर्मदा तट पर 14 जनवरी 1984 में शहीद स्मारक स्थापित किया गया। श्रद्धांजलि सभा में जनपद अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान, पूर्व नप अध्यक्ष केशव पटेल, पूर्व मंडल अध्यक्ष कमलेश परमार, ब्रज गोपाल लोया, कुलदीप बिश्नोई, साहबलाल तिवारी, छोटेलाल धाकड़, उमेश धाकड़, प्रभाकर मेहरा, गोविंद सिंह पटेल, प्रहलाद सिंह, लक्ष्मण धाकड़, मलखान सिंह राजपूत, महेंद्र राजपूत, रामजी पटेल सहित भाजपा पदाधिकारी, बोरास नर्मदा तट के रहवासी और श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। मंच संचालन जितेंद्र द्विवेदी ने किया।