
पीली पड़कर सूख रही सोयाबीन की फसल, किसान चिंतित
रायसेन/नरवर. फलन के समय पीली पड़कर सूखती सोयाबीन की फसल और फलियां सूखने लगी हैं। इससे किसानों की फसलों में इल्लियां और अन्य पीला मोजेक ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उनका अनुमान है कि अब आगे की फसल के लिए उन्हें काफी परेशानियां उठानी होंगी। अंचल के अधिकांश खेतों में असमय सोयाबीन की फसल पीली पडऩे के साथ ही फल व पत्तियां सूखने की नई बीमारी आ गई है। किसान जहां पीला मोजेक वायरस, वहीं कृषि विभाग के अधिकारी तना छेदक का प्रकोप होना बता रहे हैं।
कीटनाशक का असर नहीं होने से किसानों को उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। कस्बा सांचेत के किसान देवकिशन शर्मा ने बताया कि पिछले पखवाड़े हुई बारिश के दौरान यह बीमारी सामने आई है। सोयाबीन फ सल में अभी पूरी तरह फसल भी नहीं हुआ और बीमारी ने जकड़ लिया है। असमय फसल और फलियां सूखने लगी हैं। उन्होंने बताया कि शायद पीला मोजेक का प्रकोप हो गया है। यह प्रकोप शुरुआती दिनों में एक-दो पौधों में था।
कई प्रकार की कीटनाशक का प्रयोग कर चुके हैं, लेकिन असरकारक प्रभाव नहीं पड़ सका। ऐसे में सोयाबीन की फसल पीली पड़कर असमय ही सूख जाएगी। ग्राम नरवर के किसान सेठी विश्वकर्मा ने बताया कि सोयाबीन फसल में लागत बढ़ती जा रही है। पहले इल्लियां पत्तियों को चट कर रही थीं, अब तने में भी इल्लियों का प्रकोप देखा जा रहा है।
इल्लियां तने को खोखला कर फ सल को सूखा रही हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होगा और नुकसान की स्थिति बनेगी। प्रेम सिंह पटेल सांचेत ने बताया कि इस दिनों सोयाबीन की फ सल में पीला मोजेक नहीं स्टेम फ्लाई, तना छेदक का प्रकोप देखा जा रहा है। यह फ सल के तने में प्रवेश कर पानी व पोषक तत्वों को पत्तियों व फ लों तक नहीं पहुंचने दे रही हैं। तना खोखला होने से सोयाबीन की फ सल सूख रही है।
Published on:
03 Oct 2020 02:04 am
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