
What is the 10 second rule in NHAI?
nhai fastag rules. राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल प्लाजा पर अब फास्ट टैग अनिवार्य है। उसके बगैर आपको दोगुना टोल देना पड़ता है। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया ने कुछ ऐसे नियम भी बनाए हैं, जिनसे भीड़ के वक्त वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना नहीं पड़े, लेकिन कई स्थानों पर इसका पालन नहीं होता है। वाहन चालकों को टोल प्लाजा के नियम पता होना चाहिए।
नेशनल हाइवेज पर फास्ट टैग के बाद अब जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की बात की जा रही है, लेकिन मौजूदा सिस्टम ही सही से नहीं चला पा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े हाइवेज को छोड़ दें तो बाकियों में अभी भी फास्टटैग के नियम फॉलो नहीं किए जाते हैं। हालांकि ये नियम लागू 2019 से ही कर दिए गए हैं, लेकिन पालन नहीं होता। समय लगने के बावजूद पूरा टोल वसूला जाता है।
दरअसल, फास्टटैग लागू होने के बाद से नियमानुसार किसी भी वाहन को लैन में 10 सेकंड से ज्यादा रोका नहीं जा सकता। साथ ही एक पीली लाइन बनानी होती है, जिसके भीतर वाहन जाने के बाद यदि 10 सेकंड से ज्यादा वाहन रुकता है तो टोल माफ कर दिया जाता है लेकिन ऐसा नहीं होता। कई जगह स्कैनर काम ही नहीं करता, मैनुअली स्कैन करने पहुंचना पड़ता है। ऐसे में करीब एक से डेढ़ मिनट गाड़ी खड़ी रहती है। बावजूद इसके टोल प्लॉजा की ओर से कोई रिफंड नहीं किया जाता न ही कोई सुविधा दी जाती है। उल्लेखनीय है कि एनएचएआई के फास्टटैग अधिनियम के अनुसार यदि स्कैनर फास्टटैग रीड नहीं कर पा रहा है तो चालक उसके लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
कई टोल प्लॉजा पर गुंडागर्दी हावी
नेशनल हाइवे के कई टोल प्लॉजा पर गुंडागर्दी हावी है। ऐसे स्थानीय लोगों को वे बाउंसर के तौर पर रखते हैं जो विवाद की स्थिति निर्मित करते हैं। टोलकर्मी या मैनेजर कोई भी नियम की बात नहीं कर पाता। सभी का यही कहना है कि हमारे यहां समय लगता ही नहीं है लेकिन हकीकत यह है कि भोपाल, इंदौर, गुना कहीं भी जाने पर स्कैनर वाली समस्या और अन्य दिक्कतें आती ही हैं।
एनएच का दावा- अब नहीं लगती देरी
इधर, एनएचएआई के अफसरों ने स्पष्ट किया है कि हमारे यहां अब वेटिंग रही ही नहीं। ऐसे में नियम का पालन करने या नहीं करने की बात ही नहीं उठती। यह बात तक तक लागू होती थी, जब कि फास्टटैग नहीं थे। अब हमारे यहां 90 फीसदी कलेक्शन फास्टैग का ही है। ऐसे में अब समय लगने जैसी स्थिति नहीं है।
फोरलेन फास्टटैग की स्थिति
0-भोपाल-ब्यावरा मैनुअल स्कैनर के बाद 2 मिनट तक वेटिंग
0-देवास-ब्यावरा एक से तीन मिनट की वेटिंग
0-गुना-ब्यावरा वेटिंग कम लेकिन लाइन नहीं
(स्त्रोत : एनएचएआई, मप्र)
यह है नियम
0-किसी भी नेशनल हाइवे पर स्थित टोल प्लाजा पर गाड़ियों का वेटिंग टाइम 10 सेकंड से अधिक नहीं हो। यदि ऐसा हुआ तो आप बिना किसी टैक्स के आगे बढ़ सकते हैं।
0-किसी भी टोल प्लाजा पर वाहनों की लाइन 100 मीटर से लंबी नहीं हो।
0-यदि 100 मीटर से लंबी लाइन है और आपको इंतजार करना पड़ जाता है, तो आप बगैर टोल दिए जा सकते हैं।
0-हर टोल बूथ से 100 मीटर की दूरी पर पीली पट्टी होना चाहिए।
23 सेकंड का समय लगता है
कई बार तकनीकी दिक्कत को यदि छोड़ दें तो अधिकतर समय वेटिंग नहीं रही है। येलो लाइन का मामला पायलेट प्रोजेक्ट में था। कई ऐसे मामले होते हैं जो आते ही नहीं है। फास्टैग 100 फीसदी लागू होने के बाद यह स्थिति नहीं रही है। ऐसे में अब अधिकतम 23 सेकंड का समय लगता है, जिसे हम और कम कर रहे हैं। हमारे अधिकतर टोल प्लॉजा ऐसी जगह है जहां मोबाइलेशन रहे, जिससे हम जल्द से जल्द दिक्कत शार्ट आउट करें, फिर भी कहीं दिक्कत होगी तो हम सुधारेंगे।
-सोमेश बंजल, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, इंदौर
Updated on:
08 Sept 2023 08:03 pm
Published on:
08 Sept 2023 08:02 pm
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