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आरएसएस का प्रकटोत्सव : मध्य भारत प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में जुटे 25 हजार स्वयं सेवक, दिखा अनुशासन

-ब्यावरा में आरएसएस का बड़ा आयोजन : शहर के चारोओं बनाए पार्किंग जोन, बड़ी संख्या में वाहन पहुंचे, स्वयं सेवकों का हुजूम उमड़ा-मुख्य वक्त‌ा कुलकर्णी बोले- समाज मे परिवर्तन लाने कई पीढ़ियों की साधना लगती है  

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आरएसएस का प्रकटोत्सव : मध्य भारत प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में जुटे 25 हजार स्वयं सेवक, दिखा अनुशासन

आरएसएस का प्रकटोत्सव : मध्य भारत प्रांत के संघ शिक्षा वर्ग में जुटे 25 हजार स्वयं सेवक, दिखा अनुशासन

ब्यावरा.शहर में वृहद स्तर पर आयोजित आरएसएस मध्य भारत प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष का प्रगटोत्सव में शनिवार को बड़ी संख्या में स्वयंसेवक जुटे। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण में वर्ग सामान्य में आए शिक्षार्थी ने 20 दिनी प्रशिक्षण में अथक साधना के बाद कार्यक्रम में विभिन्न कार्यक्रम हुए।
कार्यक्रम को देखने संघ की निर्धारित गणवेश में कतरीब 25 हजार स्वयंसेवक और मातृशक्ति उपस्थित रहीं।सभी स्वयंसेवक ब्यावरा जिले के ब्यावरा, सारंगपुर, पचोर, नरसिंहगढ़ और सुठालिया तहसील के 726 ग्रामों से उपस्थित हुए। कार्यक्रम में आने वाले स्वयंसेवकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए चार पार्किंग की व्यवस्था की गई। नगरवासियों ने गर्मी को देखते हुए उत्साह से स्वयंसेवकों के लिए 32 प्याऊ लगवाए। इस कार्य में समाज के सभी वर्गों ने उत्साह से सहभागिता की। अध्यक्षता कैलाचंद्र पंडा ने की। मंचासीन अतिथियों ने वर्गाधिकारी प्रहलाद सबनानी, संघ चालक महेश यादव, मुख्य अतिथि हरिसिंह चौहान और मुख्य वक्ता मध्यभारत प्रांत के प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी मौजूद रहे।
जयघोष के बाद स्वागतम प्रणाम हुआ
कार्यक्रम का शुभारंभ संघ घोष के साथ अधिकारी आगमन से हुआ। अधिकारी स्वागत प्रणाम के बाद ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद शिक्षार्थियों ने समता और घोष का वादन प्रस्तुत किया। इसके बाद शिक्षार्थियों ने आत्मविश्वास को बढ़ाने और आत्मरक्षार्थ निःयुद्ध, पद्विन्यास, दंड संचालन और दण्ड युद्ध का प्रदर्शन किया। समस्त शिक्षार्थियों ने सूर्य नमस्कार, आसान, दण्ड योग, व्यायाम योग और सामूूहिक गीत का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वर्ग का प्रतिवेदन वर्ग कार्यवाह संजीव मिश्रा ने पढ़ा। उन्होंने बताया कि इस वर्ग में आरएसएस 97 साल से व्यक्ति निर्माण के कार्य में लगा हुआ है। व्यक्ति निर्माण के लिए यह प्रशिक्षण रहता है। इस वर्ग में कुल 297 है, जिसमें विद्यार्थी 39, कृषक 43, अभियंता 2, शिक्षक 30 और 9 ने भाग लिया।

मंचासीन अतिथियों के समक्ष सीखा गया अनुशासन​ दिखाते स्वयंसेवक। IMAGE CREDIT: patrika.com

22414 परिवारों ने संपर्क कर राम रोटी संग्रह की
वर्ग में प्रशिक्षण देने वाले शिक्षक 26, ग्रहस्थ कार्यकर्ता 8 और प्रचारक 8 उपस्थित रहे। वर्ग में 22414 परिवारों से संपर्क कर राम रोटी का संग्रह किया गया। वर्ग कार्यवाह ने मंचासीन अधिकारियों का परिचय कराया। इसके बाद शिक्षार्थियों ने अमृत वचन और एकल गीत लेने के बाद अध्यक्ष ने कहा कि कलयुग में केवल संगठन ही शक्ति है। आज की आवश्यकता है कि हम सभी मिलजुल कर हिंदू समाज को संगठित करें। किसी बहकावें में न आएं, संगठित समाज ही देश की शक्ति है। दुनिया केवल शक्तिशाली देश की बात सुनती है।
1925 से शुरू हुआ कार्य दिन प्रतिदिन बढ़ रहा
इसके बाद मुख्य वक्ता स्वप्निल कुलकर्णी ने उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि कि कार्यकर्ता प्रशिक्षण के लिए आयोजित होने वाले 20 दिनी प्रथम वर्ष के शिक्षार्थियों के शारिरिक प्रदर्शन की हल्की सी झांकी अभी हम सभी ने देखी । इस प्रकार के संघ शिक्षा वर्ग पूरे देश मे आयोजित होते हैं। जिसमे स्वयंसेवक अपना समय देकर प्रशिक्षण लेते हैं। 1925 से चला अपना यह संघ कार्य दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, हम 100 वर्ष पूर्ण करने को हैं। संघ शताब्दी वर्ष में जा रहा है उस से ज्यादा महत्वपूर्ण पूर्ण है कि हमारे यशस्वी 100 वर्ष हो रहे हैं। समाज में परिवर्तन लाने कई पीढि़यों की साधना लगती है। आने वाले समय मे सभी प्रकार से संघर्षरत विश्व को अपने जीवन मूल्यों के आधार पर सुख और शांति का मार्ग अपने हिंदू धर्म से ही मिलने वाला है। आखिर में आभार वर्ग के प्रबंध प्रमुख संजय सक्सेना ने जताया।

संबोधन सुनते नगर के प्रबुद्ध‌जन और स्वयंसेवक। IMAGE CREDIT: patrika.com