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जमकर वायरल हो रहा ‘हिंदू-मुस्लिम’ नाम लिखा ये शादी का कार्ड ! 4 अप्रैल को होगी शादी

MP News: मुस्लिम परिवार मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ कराएगा हिंदू लड़की का विवाह...

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wedding card (Photo Source - Patrika)

wedding card (Photo Source - Patrika)

MP News:मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले से अनूठी खबर सामने आ रही है। यहां पर 4 अप्रेल को राजगढ़ में अनूठी शादी होने जा रही है। जहां एक मुस्लिम परिवार की छत के नीचे हिंदू रीति से नंदिनी परमार का विवाह होगा। सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की अनूठी मिसाल यहां पेश की जाएगी। राजगढ़ का मुस्लिम परिवार अपनी बेटी समान नंदिनी सिमोलिया का विवाह हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न कराएगा।

इस अवसर पर चंबल के ग्वालियर से गुव राजपूत समाज की बारात राजगढ़ पहुंचेगी। विवाह समारोह शहर के ओल्ड कलेक्ट्रेट रोड स्थित जिंदाबाद हाउस में शाम सात बजे से होगा। यहां नंदिनी का विवाह अंश परमार के साथ पंडितों के मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ कराया जाएगा। सभी रस्में हिंदू परंपरा के अनुसार निभाई जाएंगी।

अनाथ नंदिनी को मिला परिवार का साया

जानकारी के मुताबिक नंदिनी बचपन से अनाथ है। उनके माता-पिता का देहांत हो चुका है। पिता का निधन 2010 में एक सड़क हादसे में हो गया। वहीं, माताजी का निधन 2012 में हो गया था। माता-पिता के निधन के बाद इरशाद (राजा) खान के परिवार ने उन्हें अपनाया। इरशाद खान के छोटे भाई अब्दुल्ला ने नंदिनी की बड़ी बहन से प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद नंदिनी भी इस परिवार का हिस्सा बन गईं। परिवार ने उन्हें पूरी स्वतंत्रता के साथ उनकी परंपराओं में पाला-पोसा और शिक्षा दिलाई। बीच में बीमार होने पर आंखों का उपचार कराया, जिसमें लाखों रुपए भी खर्च किए।।

धर्म नहीं, रिश्तों को दी प्राथमिकता

खास बात यह रही कि परिवार ने कभी भी नंदिनी पर किसी तरह से धर्म परिवर्तन का कोई दबाव नहीं डाला। अब विवाह के अवसर पर भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराने का निर्णय लिया। यानी विवाह पत्रिका में भी दूल्हा-दुल्हन के हिंदू नाम हैं और अभिभावक की जगह मुस्लिम नाम हैं। जब ये विशेष कार्ड घरों में पहुंचे तो हर कोई हतभ्रत रह गया। विवाह को लेकर महीनेभर से तैयारियां जारी हैं। परिवार के सभी सदस्य इस आयोजन को यादगार बनाने में जुटे हैं। इस अनूठी शादी ने समाज में आपसी सद्भाव और भाईचारे का मजबूत संदेश दिया है।

दूल्हे की ग्वालियर दूध डेयरी फर्म, दुल्हन ग्रेजुएट

जिस हिंदू बेटी की शादी हो रही है, वह ग्रेजुएट है। यह पढ़ाई भी उसे ​मुस्लिम परिवार ने ही करवाई है। यानी पूरा पालन-पोषण से लेकर पढ़ाई तक वहीं की है। वहीं, बारात लेकर आ रहे दूल्हे की खुद की डेयरी फर्म है और मवेशी भी हैं। जब नंदिनी ग्वालियर में ग्रेजुएशन करने गई थी तब ही उसकी मुलाकात अंश परमार से हुई थी। इसके बाद परिजन की सहमति से उनकी शादी तय हुई।