मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाले विवाह के तहत अपने आंकड़ों की पूर्ति के लिए इसी आयोजन में शामिल होकर अपने बैनर लगा दिए।
खिलचीपुर. पिछले सात सालों से लगातार धूमधाम से सम्मेलन का आयोजन करते आ रही इज्तिमाई शादियां कमेटी के माध्यम से इस साल भी इस आयोजन को बेहतर तरीके से कराया गया। कमेटी द्वारा कराए गए सफल आयोजनों को देखते हुए इस सम्मेलन के माध्यम से जनपद ने भी मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाले विवाह के तहत अपने आंकड़ों की पूर्ति के लिए इसी आयोजन में शामिल होकर अपने बैनर लगा दिए।
जबकि सारी व्यवस्थाएं और पूरा आयोजन कमेटी द्वारा किया गया था। इसके लिए बकायदा कमेटी ने वर वधू पक्ष से 10-10 हजार रूपए जमा कराए गए। लेकिन एकाएक इस समारोह में जब सम्मेलन के पोस्टर लगे देखे, तो कुछ लोगों ने इस पूरे मामले में अपनी आपत्ति भी दर्ज कराई। कि जब सम्मेलन समाज के माध्यम से हो रहा था, तो फिर अलग से राशि क्यों ली गई। रफीक मंसूरी ने बताया कि इस बार सरकार ने मुख्यमंत्री योजना के तहत बजट भी बढ़ाया है।
54 में से 48 को शामिल किया मुख्यमंत्री योजना में
खिलचीपुर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 54 जोड़ों का निकाह सम्पन्न हुआ। इनमें से 48 को मुख्यमंत्री विवाह में शामिल गया। कुछ के दस्तावेज की कमी होने के कारण वें नाम नहीं जुड़ सके। आयोजन के दौरान कमेटी के सदर राजू भाई मंसूरी, फकीर मोहम्मद, अली हुसैन, मुबारिक मंसूरी, शहीद पठान, शौकत खां, साबिर खां, याकूब, सत्तार, रहमान, अकबर, फारूख, आजाद, अबरार आदि का सहयोग रहा।
यदि प्रचार प्रसार होता, तो सभी को मिलता लाभ
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के विवाहों में यह खाना पूर्ति पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले राजगढ़ जनपद ने प्रजापति समाज के सम्मेेलन में भी कुछ ऐसे ही पूर्ति की थी। लेकिन अधिकारियों की इन हरकतों या लापरवाहीं के कारण कई अन्य समाज ऐसे विवाह सम्मेलनों में पंजीयन से चूक जाते है। क्योंकि सम्मेलनों से टाइअप करके यह अपने आंकड़े दिखा देते है। सवाल उठता है, जब सारी व्यवस्थाएं सम्मेलन कमेटी द्वारा की गई। तो फिर 51 हजार में से तीन हजार रूपए प्रति जोड़ा व्यवस्थाओं के नाम पर जनपद द्वारा क्यों कांटे जाएंगे। क्योंकि अभी 48 हजार रूपए जोड़ों के खातों में डालने की बात कहीं जा रही है।
हर साल की तरह हम सम्मेलन करा रहे थे। जिसकी राशि जमा कराई गई थी और बकायदा उसका दहेज हमने दिया है। जिसमें पलंग, अलमारी, छोटा कुलर, 25 बर्तन सहित अन्य जेवर शामिल है। जनपद द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत जब यह विवाह कराया गया, तो वह राशि पूरी उनके खाते में डाली जाएगी।
राजू मंसूरी, सदर सम्मेलन कमेटी