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व्यवस्था सुधार लेना, अन्यथा नौकरी छोडऩे को तैयार रहना

सीएमएचओ ने किया जिला चिकित्सालय का निरीक्षण, एक-एक कर सभी वार्ड देखे, कई कमियां मिलीं
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praveen praveen

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Updated: 21 Jul 2017, 11:39 PM IST

rajgarh

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राजगढ़. जिला चिकित्सालय का बिगड़ा ढर्रा अब सुधरने की उम्मीद जगी है। जब अपने पहले ही निरीक्षण में सीएमएचओ डॉ. अनुसुईया गवली ने न सिर्फ व्यवस्थाओं के सुधार के लिए सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए, बल्कि उन्होंने डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी निर्धारित समय और अपनी ड्रेस में अस्पताल आने के लिए कहा। उन्होंने एक-एक कर पूरे वार्डों और विभिन्न कक्षों को देखा और हर जगह कमियों को बताते हुए उन्हें सुधार के लिए कहा। उन्होंने कहा कि आज किसी पर कार्रवाई नहीं होगी, लेकिन इन व्यवस्थाओं को सुधारने का समय जब पूरा हो जाएगा उस समय दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। इन निर्देशों की पूर्ति नहीं हुई तो फिर या तो नौकरी छोड़ देना या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहना। सीएमएचओ द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद अस्पताल में सुधार की आशा जगी है।


मैं करूंगी सीजर, शुरू करो ओटी

ट्रामा सेंटर की ओटी बंद पड़ी है। इसको लेकर सीएमएचओ ने जिम्मेदार स्टाफ को फटकार लगाई और जो भी कमिया है, उन्हें पूरा करते हुए चालू करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जरूरत लगी तो मैं खुद सीजर करूंगी। मेरा एक दिन में 824 टीटी करने का अनुभव है।

ऐतिहासिक दिन, सभी डॉक्टर समय पर यूनिफार्म में आए..

अस्पताल में सुबह की शिफ्ट 8 बजे से शुरू होती है। 7.55 मिनट पर सीएमएचओ अपनी ड्रेस में ओपीडी पहुंची। उन्होंने ओपीडी को देखा और डॉक्टरों को समय पर आने की बात कही। हालांकि यह दिन अस्पताल के लिए ऐतिहासिक था, जिसमें सभी डॉक्टर निर्धारित पोशाक में समय 8 बजे या उससे पहले तक पहुंच गए। ओपीडी में मरीजों का पर्चा किस तरह बनता है। इसकी पूरी जानकारी ली बाद में इंजेक्शन कक्ष और वहां मौजूद आईसीयू को देखा। महिला वार्ड की व्यवस्थाओं से वे नाखुश लगी और डॉक्टरों से लेकर मेटर्न, वार्ड प्रभारी और नर्स स्टाफ को जमकर फटकार लगाई।

ये लापरवाही क्यों?
सीएमएचओ ने कहा न तो तकिये पर कवर है और न ही बेड पर कंबल रखे है। मरीजों के पलंग के बाजू में कोई स्टूल नहीं है। यह लापरवाही क्यों की जा रही है। यहां उन्होंने वार्ड में ही मरीजों के पलंग पर उनकी फाइलें रखने के लिए कहा। साथ ही दवाओं की ट्राली भी वार्ड में ही रखी जाए। इसके लिए निर्देश दिए।

यहां हुई चूक
सीएमएचओ डॉक्टरों के साथ आईसीयू में पहुंची। उन्होंने सभी को चेतावनी दी कि वार्ड के बाहर जूते-चप्पल निकालकर अंदर जाए, लेकिन वे खुद सिविल सर्जन और अन्य डॉक्टरों के साथ जूते पहनकर निरीक्षण करने पहुंची। स्टाफ नर्स पहले से बाहरी सेंडल पहनी हुई थी।