
राजगढ़-ब्यावरा.अपहरण के मामले में आरोपी को पकड़ने पहुंची मलावर पुलिस की टीम हादसे का शिकार हो गई। आधी रात को हुए हादसे में उनकी कार आगे जा रहे किसी वाहन से टकरा गई, जिससे उसमें सवार आरक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, टीआई और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार हादसे में मलावर थाने के आरक्षक सुनील भील की मौत हो गई। थाना प्रभारी ज्ञानसिंह ठाकुर, आरोपी के भाई सहित ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं। सभी का उपचार चल रहा है। मृतक आरक्षक का पोस्टमार्टम कराते हुए शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जानकारी के अनुसार मलावर थाना अंतर्गत आने वाले गांव से एक लड़की को गांव का ही मनीष वर्मा नाम का एक युवक भगा कर ले गया। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करते हुए जब मनीष की लोकेशन को पता किया तो वह इंदौर की मिली। जिसके बाद थाना प्रभारी ज्ञान सिंह ठाकुर और आरक्षक सुनील भील सहित मनीष वर्मा के भाई के साथ ही ड्राइवर मनीष कुमार को लेकर रवाना हुए। सुबह करीब 4 बजे जब उन्होंने मक्सी का टोल टैक्स क्रॉस किया तो आगे जा रहे एक ट्रक में पीछे से पुलिस की कार टकरा गई। बताया जा रहा है कि आगे चल रहे ट्रक ने वाहन को ढाबे की तरफ मोड़ने के लिए ब्रेक लगाया। जिसके कारण कार अनियंत्रित हुई और सीधी ट्रक के अंदर पीछे से घुस गई। इस घटना में आरक्षक की मौत हो गई और थाना प्रभारी व दो अन्य साथी घायल हो गए। जानकारी लगते ही तुरंत एसपी अवधेश कुमार गोस्वामी ने पचोर थाना प्रभारी डीपी लोहिया को मौके पर पहुंचाया। पचोर थाना प्रभारी के अनुसार उन्होंने शव का पोस्टमार्टम शाजापुर में कराते हुए परिजनों को शव सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक गुना जिले के मृगवास थाना अंतर्गत आने वाले गांव कटुछखेड़ी का रहने वाला है। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
फरवरी में थी आरक्षक की शादी, शाजापुर मिलने पहुंची होने वाली दुल्हन
मृतक सुनील गुना जिले के मृगवास थाने के कटुछखेड़ी का रहने वाला था। परिजनों के अनुसार अगले माह फरवरी में उसकी शादी होना थी। जिससे उसका विवाह तय हुआ था वह लड़की भी शाजापुर उसे देखने पहुंची। पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर उसका भी रो-रो कर बुरा हाल हो गया। शादी को लेकर सुनील खासा उत्साहित था। उसका एक बड़ा भाई है। परिजन खेती-किसानी करते हैं।
पहली पोस्टिंग मलावर ही थी, परिजन बदहवास हुए
जैसे ही आरक्षक की मौत की सूचना उनके परिजनों को पता चली तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्हें संभाल पाना मुश्किल हो रहा था। माता-पिता, भाई सभी बदहवास हो गए। विशेष पुलिस बल और जिले की पुलिस टीम ने गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई आरक्षक को दी। बताया जाता है कि उसकी पहली पोस्टिंग मलावर में ही थी। 2017 में ही बतौर आरक्षक पहली नौकरी लगी थी, तब से लकर अभी तक वह मलावर थाने में ही पदस्थ था।
एक लाख की सहायता दी
ड्यूटी दौरान हुई दुर्घटना में मौत पर पर परिजनों को तुरंत ₹ 1 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं राजकीय सम्मान के साथ पुलिस द्वारा आरक्षक सुनील को अंतिम विदाई दी गई। जिले से बड़ी संख्या में आरक्षक के साथ ही और पुलिस के अधिकारी भी मृगवास पहुंचे।
राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार
जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना मिली हमने जिले से भी पुलिस की टीम मौके पर पहुंचाई। दुर्घटना में आरक्षक का निधन हो गया। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
-अवधेश कुमार गोस्वामी, एसपी, राजगढ़
Published on:
29 Jan 2023 06:52 pm
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