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राखी बंधवाकर पिकनिक मनाने गए दो सगे भाइयों की तालाब में डूबने से मौत

कुरावर क्षेत्र का मामला, दुकान जाने को कहकर घर से निकाले, दो दिन में दो बड़े हादसे
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राजगढ़

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Ram kailash napit

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Updated: 28 Aug 2018, 2:41 PM IST

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police reached the pond, made panchanama.

लसुडल्याहाजी/कुरावर. तालाब हो या फिर नदियां और गांव के आसपास कहीं भी अवैध खुदाई होने से उनकी गहराई अव्यवस्थित हो जाती है। जो पानी भरने के बाद समझ में नहीं आती। यही कारण है कि तालाब हो या गढ्डे उनमें भरे पानी का बच्चे अंदाजा नहीं लगा पाते और हर साल डूबने से कई लोगों की जान चली जाती है।

राजगढ़ की यदि बात करे तो दो माह के अंदर छह बच्चे इसी तरह के गढ्डों में डूबकर अपनी जान गवा चुके है। बात पिछले दो दिनों की कि जाए तो चार बच्चे अपनी जान गवा चुके है। पहला मामला सुठालिया का है। जबकि दूसरा मामला लसुडल्याहाजी के पास स्थित कांकरिया मार्ग का है। जहां दो बच्चों की डूबने से जान चली गई। रक्षाबंधन के दिन रविवार को साइकिल से पिकनिक मनाने गए थे। जहां तालाब में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार अभिषेक(13), ऋ षिराज(10) पिता हिमेंद्र गुप्ता निवासी कुरावर सुबह 11 बजे बहन से राखी बंधवाई। इसके बाद दोनों दुकान जाने का कहकर घर से निकल लिए।

रक्षाबंधन होने की वजह से दुकान में काफ ी चहल-पहल होने से किसी का घर आना-जाना नहीं रहा। कन्फूजन यह था कि मां सोच रही थी बच्चे दुकान पर हैं और पिता को कुछ मालूम ही नहीं था। रात 9 बजे हेमेन्द्र जब दुकान बंद कर घर लौटे तो दोनों ने एक-दूसरे से बच्चों के बारे में पूछा। एक-दूसरे का जबाव सुनते ही मां-बाप के होश उड़ गए। पड़ोसियों के यहां तलाशने के बाद भी जब दोनों बच्चे नहीं मिले तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर खोजबीन कर ही रही थी कि सुबह साढ़े छह बजे बच्चों के शव कांकरिया तालाब में तैरने की सूचना आई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने होमगार्ड के तैराक जवानों की मदद से शवों को तालाब से बाहर निकलवाया। पुलिस जांच में पाया कि बच्चों ने तालाब के ऊपरी भाग में झाडिय़ों में साइकिल टिका दी था। वहीं पर उनके कपड़े और जूते भी पड़े थे। फिलहाल पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शवों को पीएम के लिए नरसिंहगढ़ अस्पताल भेजकर मामले को जांच में लिया है।

सुठालिया में खनन का होगा सीमांकन
के्रसर के साथ दी गई लीज के बाद मोड बल्ड़ी ग्राम में खोदे गए गड्ढों में दो बच्चों की डूबकर मौत हो गई। दोनों इस गढ्डे में नहाने के लिए गए थे, लेकिन बारिश का पानी गड्ढों में कितना है इसका अंदाजा उन्हें नहीं था। ऐसे में वे डूब गए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद नायब तहसीलदार प्रदीप भार्गव मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाया और बच्चों का पीएम सुठालिया में कराया गया।

दिल दहलाने वाली इस घटना को लेकर परिवार के लोग भी शोक में डूबे हुए है। वहीं प्रशासन ने मामले में उचित जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जिसमें क्रेसर मशीन को दी गई लीज की तुलना में कितनी खुदाई की गई। उसका भी मूल्यांकन किया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरू कर दी है।