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पहले गेहूं में पानी मिलाकर वजन बढाया, अब 53 की जगह 49 KG रह गया वजन,देखें वीडियो

-वेयर हाउस में नमी का खेल-अभी भी विभाग गलती मानने को तैयार नहीं, इसी मूंदड़ा वेयर हाउस से टैंकर सहित अन्य सामग्री पिछली बार की गई थी बरामद

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पांच दिन में सूख गई नमी, 53 का कट्टा हो गया 49 किलो

पांच दिन में सूख गई नमी, 53 का कट्टा हो गया 49 किलो

ब्यावरा. वेयर हाउस द्वारा पीडीएस के गेहूं में पानी मिलाकर किए जा रहे बड़े खेल की गड़बड़ी की पुष्टि गुरुवार को हो गई। जिन विभिन्न सोसायटियों में बढ़ा हुआ वजन गेहूं के कट्टों का निकल रहा था, उनमें नमी सूखने के बाद वह तीन से चार किलो कम हो गया। इससे यह स्पष्ट हो गया कि स्प्रे के नाम पर पानी छिड़कर वेयर हाउस वालों ने कट्टों का वजन बढ़ाया है। दरअसल, खनौटा, तलावली सहित ब्लॉक की तमाम सोसायटियों में पहुंचाए गए गेहूं में 50 किलो की कट्टी कहीं 52 तो कहीं 53 किलो की निकली थी।

पत्रिका टीम इसकी पुष्टि के लिए जब खनौटा सोसायटी पहुंची तो बुधवार को नई स्थिति देखने को मिली, जिस कट्टे का वजन १६ नवंबर को ५२.६00 किलो था वह 21 नवंबर को 49 किलो का ही रह गया, यानि पैक कट्टे में से तीन किलो फिर से कम हो गया। ऐसा लगभग प्रत्येक सोसायटी में हुआ है, जिसमें यह बात सामने आई है कि संबंधित कट्टों का वजन बढ़ाया गया था।

बता दें कि पत्रिका ने 17 नवंबर के अंक में वेयर हाउस में नमी का खेल 50 किलो की कट्टी 53 तक निकली शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इससे वेयर हाउस के कारनामे उजागर हुए थे। उसी का आंकलन दोबारा किया गया तो कट्टी में वजन नमी के हिसाब से स्वत: कम हो गया, इससे यह साबित हो गया कि गड़बड़ी वेयर हाउस में ही हुई है।

विभाग के अभी भी बेतूके तर्क : नमी आ सकती है?
मामले में वेयर हाउस कॉर्पोरेशन साबित हो जाने के बावजूद अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। जिला प्रबंधक नरेश तोमर का कहना है कि यह मॉश्चर (नमी) के कारण हुआ है, पानी डालने का सवाल ही नहीं उठता? यानि यह मान लिया जाए कि स्प्रे के कारण तीन किलो वजन बढ़ा या घटा? ऐसे में करीब 3500 स्लॉट वाले कट्टों में अलग-अलग स्प्रे का वजन बढ़ता हुआ प्रति कट्टे में देखा जाए तो हजारों क्वींटल वजन कम और ज्यादा हो जाएगा? विभाग की गलती सामने आने के बावजूद बेतूके तर्क जिम्मेदार अधिकारी दे रहे हैं। हालांकि अभी तक विभागीय स्तर पर और जिला प्रशासन की ओर से कोई कड़ी कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।

प्याज खरीदी में खेल : अच्छी प्याज को खराब दर्शाकर एठे लाखों
वेयर हाउस के ही जिम्मेदार अधिकारियों ने शासन की प्याज खरीदी में भी जमकर कमाई की। बड़ी तादाद में औने-पौने दाम पर खरीदी गई प्याज को जल्दबाजी में मंडी और वेयर हाउसेस में रखी गई। वेयर हाउस में जो प्याज रखी गई अच्छी प्याज को भी खराब दर्शा कर लाखों रुपए प्रबंधक सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने कमाए।

इसमें संबंधित व्यापारियों से रुपए ले लिए गए और अच्छी प्याज के ढेर उनके सुफुर्द कर दिए गए। उनमें से व्यापारियों ने अच्छी क्वालिटी के प्याज छंटवा लिए। उन्हीं प्याज के नष्ट हो जाने की सूची बनाकर वेयर हाउस कॉर्पोरेशन ने शासन को पेश कर दी, इसके बाद कोई जांच ही उसमें नहीं हो पाई।

मैं बात करती हूं
वैसे वेयर हाउस वालों को जो स्टॉक दिया जाता है वह नाप-तौलकर ही दिया जाता है। फिर भी मैं संबंधित से बात करती हूं क्या मामला है? जांच की जाएगी।
-निधि निवेदिता, कलेक्टर, राजगढ़


नमी के कारण ऐसा हो रहा है
हो सकता है स्प्रे के कारण नमी रही हो इसलिए बाद में वजन में शॉर्टेज आई हो। हमारे यहां 3500 बोरियों का स्लॉट रहता है, ऐसे गड़बड़़ी कैसे हो सकती है?
-नरेश तोमर, जिला प्रबंधक, वेयर हाउस कॉर्पोरेशन लिमिटेड, राजगढ़