
'तेरे भाई का नाम बता देना नहीं तो वीडियो कर देंगे वायरल'
राजगढ़. पचोर शहर की रहने वाली एक युवती को नौकरी का झांसा देकर लखन कुशवाह व दिलीप कुशवाह लेकर गए, लेकिन यहां उन्होंने नशे की दवा पिलाकर मेरा अश्लील वीडियो बना लिया और जबरन शादी के लिए दबाव बनाया, लेकिन परिजनों द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट के बाद लखन की मंगेतर को थाने में बुलाकर उससे युवती को लाने के लिए कहा।
जिस पर दोनों युवती को उज्जैन से वापस लेकर आए। यहां उन्होंने रास्ते में धमकाया कि यदि हमारे खिलाफ किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट लिखाई तो तुम्हारा वीडियो वायरल कर देंगे। यही नहीं कुछ इसी तरह पचोर थाने में पदस्थ एक एसआई ने भी धमकाया और कहां कि जैसे मैं कहूं वैसे बयान देना। युवती ने डर के कारण बोल दिया कि मैं अपने बुआ के बेटे के साथ गई थी, लेकिन घर पर मैंने परिजनों को सबकुछ सच बताया और अब जब मैंने दोबारा लखन को फोन लगाया कि बयान दे दिए है रिकार्डिंग डिलीट कर दो। तब भी उसने ऐसा करने से मना कर दिया।
जिसकी रिकार्डिंग भी मेरे मोबाइल में है। पूरी घटना को लेकर युवती एसपी आफिस पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। ऐसा यह अकेला मामला नहीं है। महिलाओं से जुड़े अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों में और भी सख्ती की जरूरत है। शनिवार को ही दो अन्य मामले और सामने आए।
डेढ़ माह बाद दर्ज हुआ मामला
सुठालिया. दलित युवती के साथ 31 मई को हुई ज्यादती के मामले में प्रकरण दर्ज करने को लेकर पुलिस को ४० दिन का समय लग गया। इसके लिए युवती ने सुठालिया से लेकर राजगढ़ और भोपाल के कई अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए। तब कहीं जाकर मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार मऊ गांव की युवती को खिलचीपुर के जितेन्द्र विश्वकर्मा ने अपने साथियों के सहयोग से चार पहिया वाहन से 30 मई की रात को अपहरण किया जबरन शादी के लिए दवाब बनाया तथा बलात्कार करने के बाद वापस देर रात वापस छोड़ गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
नाबालिग को प्रशासन ने ही सौंप दिया आरोपी के हवाले
जीरापुर के रामनगर में रहने वाली नाबालिग को गांव का ही एक युवक भगाकर ले गया। जिसका मामला थाने में दर्ज किया गया और आरोपी को न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया। तभी से प्रकरण न्यायालय में लंबित था। जिसकी जानकारी पीडि़त परिवार प्रशासन तक पहुंचा चुके थे, लेकिन कुछ दिनों पहले महिला बाल विकास के माध्यम से मात्र एक अंकसूची को देखकर लड़की को आरोपी युवक के साथ भेज दिया। सारे दस्तावेज लिखित में है और लड़की के नाबालिग होने के सारे दस्तावेज परिवार बता चुका था।
Published on:
08 Jul 2018 04:55 pm
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