
नलजल योजना टेंडर निरस्त, सामने आई गड़बढ़ी
राजगढ़। गांव-गांव और हर घर में पानी पहुंचाने की योजना के शुरू होने से पहले ही बड़ा भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। जिसमें ई-टेंडर में छेडख़ानी करते हुए दूसरे नंबर पर रहने वाले ठेकेदार को यह काम सौंप दिया। लेकिन मामला उजागर होने के बाद दोनों ही टेंडर निरस्त कर दिए गए थे। जिनमें एक कुंडालिया और दूसरा मोहनपुरा डैम का शामिल है। पीएचई विभाग द्वारा जारी किए गए 93 और 94 नंबर के इन टेंडरों में अफसरों ने अपनों को लाभ दिलाने के लिए यह कारगुजारी की। लेकिन मामला जब वरिष्ठ अधिकारियों के पास शिकायत के माध्यम से पहुंचा तो सब कुछ साफ हो गया।
मोहनपुरा और कुंडालिया जैसे बड़े डैम से राजगढ़, खिलचीपुर, सारंगपुर और जीरापुर ब्लाक के 80 प्रतिशत गांवों में सिंचाई के साथ पेयजल व्यवस्था पहुंचाने की योजना है। जिसके टेंडर ऑनलाइन जारी किए गए थे। लेकिन बताया जाता है कि टेंडर में दूसरे नंबर पर एलएनटी कंपनी रही। कंपनी का दावा था कि टेंडर उनके ही हुए थे। लेकिन उसमें छेडख़ानी की गई। मामले की जांच जब कराई गई तो उसमें स्पष्ट हुआ कि ऑनलाइन जो टेंडर जारी किए गए थे। उसमें छेड़छाड़ कर रेट बदल दिए।
पहला टेंडर-
जिले से निकलने वाली कालीसिंध नदी में बनाई जा रही करीब 4500 करोड़ रुपए की वृहद सिंचाई परियोजना के माध्यम से पीएचई द्वारा नल जल समूह योजना के तहत घर-घर में पानी पहुंचाने के लिए टेंडर जारी किए गए। टेंडर में दो करोड़ 25 लाख रुपए कम कर दिए गए। जिससे दूसरे नंबर पर आने वाली कंपनी पहले पर आ गई।
दूसरा टेंडर-
राजगढ़ की नेवज नदी पर बने मोहनपुरा डैम से 400 गांवों को पानी सप्लाई करने के लिए ई-टेंडर जारी किया गया था। जिसमें सात लोगों ने आवेदन किए। इसमें भी एक कंपनी की दरों में दो करोड़ 48 लाख रुपए कम कर दिए गए। इससे टेंडर की नंबरिंग ही बदल गई और पहले पर आ रही कंपनी दूसरे पर हो गई।
२३ को आएंगे प्रधानमंत्री-
मोहनपुरा सिंचाई परियोजना समय से पहले पूरी होने वाली बड़ी परियोजनाओं में एक उदाहरण है। लेकिन अब इसमें कुछ अनियमिताएं सामने आ रही है। जैसे नलजल योजना के टेंडर और इससे पहले अवैध खनन का मामला सामने आ चुका है। इसी परियोजना का लोकार्पण करने के लिए २३ जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजगढ़ आ रहे है।
पांच टेंडर हुए थे। जिनमें से मोहनपुरा और कुंडालिया दो के निरस्त होने की सूचना है। लेकिन अभी यहां लिखित में कुछ नहीं आया है।
गोविंद भूरिया, ईई पीएचई राजगढ़
नलजल योजना के तहत टेंडर जारी किए गए थे। जिसमें शुरूआती दौर में ही भ्रष्टाचार सामने आया है। यह पूरे जिले के लोगों से जुड़ा हुआ मामला है। इसके लिए मैं परिवाद लगाऊंगा। किसी को फायदा पहुंचाने के लिए जिले की जनता से खिलवाड़ करना गलत है।
डॉ.राहुल विजयवर्गीय, समाजसेवी राजगढ़
Published on:
12 Jun 2018, 10:31 AM IST
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