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देश के 115 पिछड़े जिलों में राजगढ़ शामिल

देश के 115 पिछड़े जिलों में राजगढ़ का नाम होने के बाद उसके विकास को लेकर लगाए गए मेले में बोले केन्द्रीय मंत्री।

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राजगढ़। जिले का नाम देश के 115 पिछड़े जिलों में शामिल है। ऐसे में जिले के सर्वांगीण विकास को लेकर विभिन्न प्रकार के मेलों का आयोजन किया जा रहा है। यह वे जिले है जहां जनप्रतिनिधियों ने विकास में रुचि नहीं ली तो वे पिछड़ गए। जहां रुचि ली गई। उनका स्थान आगे है। यह बात केन्द्रीय मंत्री थावरचंद्र गेहलोत ने अंत्योदय मेले के दौरान कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न पैमानों को लेकर एक सर्वे कराया। जिसके बाद 115 जिले निकाले गए। वहां का विकास हो और वे अग्रणी जिलों में आए। इसके लिए विभिन्न योजनाएं भी वहां विशेषकर चलाई जा रही है।

39 करोड़ की योजनाओं का लाभ
उन्हीं योजना के तहत कुल 39 करोड़ की योजनाओं के चेक और उपकरण वितरित किए गए। जिनमें से लगभग सात करोड़ की राशि दिव्यांगों के उपकरणों पर खर्च की गई। आयोजन में सांसद रोडमल नागर के अलावा खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा सहित विधायक अमरसिंह यादव, हजारीलाल दांगी, नारायणसिंह पंवार और कुंवर कोठार, कलेक्टर कर्मवीर शर्मा, एसपी सिमाला प्रसाद, सीईओ प्रवीणसिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

सभी ने मांगें छात्रावास
केन्द्रीय मंत्री गेहलोत से चारों विधानसभा के विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र के लिए बालिका छात्रावास हो या बालक छात्रावास की मांग की। वहीं विधायक अमरसिंह यादव ने दिव्यांग बच्चों के लिए छात्रावास भवन मांगा। जिस पर गेहलोत ने प्रस्ताव भेजने की बात कही।

पिछड़े जिले में गिनाते रहे जनप्रतिनिधि
आयोजन के दौरान मंच से विधायक हजारीलाल दांगी ने जहां राजगढ़ को देश का पिछड़ा जिला बताया। वहीं खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा कि हमारा जिला ११५ पिछड़े जिलों में प्रधानमंत्री के सर्वे में शामिल हुआ है। इसके लिए राजगढ़ और जिले के लोगों को गौरांवित होना चाहिए। अब यहां विकास होगा। यह बात अलग है कि जिले ने कई जनप्रतिनिधियों को दिल्ली और भोपाल तक पहुंचाया है। जिसमें मंत्री तक शामिल है।

उपकरण के लिए पैर पर पड़ गया दिव्यांग
उपकरण को लेकर कई आवेदक सीधे मेले में पहुंचे थे। लेकिन उनके संबंध में कोई रिकार्ड प्रशासन के पास नहीं था। ऐसे में जब उन्होंने मंत्री से मिलना चाहा तो पुलिस ने दूर ही रोक दिया। बाद में दिव्यांग सीधा मंत्री के पैर में पड़ गया। जिसके बाद मंत्री ने उन्हें दूर करते हुए कहा कि पहले आवेदन दे उसके बाद कार्रवाई होगी।

ली विभागीय समीक्षा
सामाजिक एवं न्याय विभाग सहित आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा के साथ ही मंत्री गेहलोत ने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी देखी और आवश्यक निर्देश दिए। यहां कुछ जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की शिकायत भी की।

झलकियां
- दिव्यांग शिविर होने के बावजूद नहीं लगाया मंच पर रैम्प।
- करोड़ों रुपए के विकास कार्यो का किया लोकार्पण।
- मंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने बांटे दिव्यांगों को उपकरण।
- कई विकलांग बाद में आकर मांगते रहे उपकरण।
- जिला पंचायत अध्यक्ष गायत्री गुर्जर ने नहीं दिया मंच से संबोधन।
- सामाजिक न्याय विभाग की पुस्तिका का किया विमोचन।
- संविदा स्वास्थ्यकर्मी एवं सेल्समैन आदि पहुंचे ज्ञापन लेकर।
- विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी।