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शिक्षिका का हुआ ट्रांसफर तो फूट-फूटकर रोने लगे बच्चे, ऐसे हुई विदाई, देखें VIDEO

शिक्षक के प्रति बच्चों का अटूट प्रेम, जाते-जाते शिक्षिका ने कहा-खूब पढ़ना-लिखना और माता-पिता के साथ ही स्कूल का नाम रोशन करना

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ब्यावरा। गुरु और शिष्यों के बीच अटूट प्रेम का रिश्ता सनातन काल से ही रहा है। अभी भी कई जगह ऐसे उदाहरण देखने को मिल जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में सुठालिया के कोटरा प्राथमिक विद्यालय के बच्चे उस वक्त फूट-फूटकर रोने लगे जब उनकी गुरु मां (शिक्षिका) का स्थानांतरण हो गया। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

दरअसल, बच्चों का अटूट प्रेम देखकर हर कोई हतभ्रत रह गया। संकुल केंद्र सुठालिया के अंतर्गत आने वाले प्रथमिक विद्यालय कोटरा में 15 साल से शिक्षिका लाजवंती नागोरिया पदस्थ थीं। बीते दिनों उनका ट्रांसफर प्राथमिक विद्यालय चाठा में हो गया। सोमवार को जब शिक्षिका कोटरा के बच्चों से विदाई लेने पहुंचीं तो बच्चे रो पड़े। फूट-फूटकर ऐसे रोए जैसे कोई छोटा बच्चा अपनी मां के लिए रोता हो। उनके आंसू नहीं थम रहे थे। बच्चों को देखकर शिक्षिका भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं। काफी मुश्किल से उन्हें समझाया गया।

ग्रामीणों की मानें तो शिक्षिका काफी अच्छे तरीके से बच्चों को पढ़ा रही थीं। उनके कुशल व्यवहार के कारण बच्चे काफी प्रभावित थे और उन्हें काफी पसंद करते थे। शिक्षिका ने जाते-जाते बच्चों से कहा कि खूब पढ़ना-लिखना और अपने माता-पिता के साथ ही स्कूल और गांव का नाम रोशन करना।

बच्चों की तरह ध्यान रखती थीं मेम

बच्चों का शिक्षिका से खासा अटेचमेंट हो गया था। वे कहते हैं कि हमारा ध्यान मेडम जी बच्चों की तरह रखती थीं। कोई कमी हमें महसूस नहीं होने देती थी। व्यवहारिक और पारिवारिक माहौल में अध्ययन कराती थीं। कहा जाता है कि वे जब बच्चे स्कूल नहीं आते थे तो घर चली जाती थीं। उन्हें समझा-बुझाकर ले आती थीं। उनकी यही अलग पहचान गांव वाले भूल नहीं पा रहे हैं। विदाई समारोह के दौरान बच्चों ने उन्हें कई उपहार दिए, जिन्हें पाकर वे भावुक हो गईं। गुरु और शिष्यों के प्रेम की करुणा दिखाता यह दृश्य काफी मार्मिक था।