
राजगढ़ में आसमान से बरसी मुसीबत, बारिश और ओले से फसलें चौपट, देखें वीडियो...
Rajesh vishwakarma
राजगढ़-ब्यावरा.मावठे वाली बेमौसम बारिश ने अन्नदाता की मुश्किलें बढ़ा दी है। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के बाद सोमवार को ओलावृष्टि हुई। जिससे खेत में खड़ी फसलों में नुकसान हुआ है। जिले के जीरापुर, खिलचीपुर, जेतपुरा कलां, भाटखेड़ा, उनदखेड़ी, सारंगपुर के गुलावता सहित अन्य जगह ओले गिरे। कहीं मक्का के आकार के तो कहीं इससे बड़े ओले गिरे। जिससे खेतों की फसलें जमीदोंज हो गईं, सडक़ें सफेद हो गईं। वहीं, सारंगपुर, माचलपुर, बोड़ा, नरसिंहगढ़, बखेड़, संडावता, भंडावद, भ्याना, झाड़ला, खिलचीपुर, हराना सहित अन्य जगह बारिश हुई। हवा के कारण फसलें आड़ी पड़ गई। राजगढ़ क्षेत्र के कीलखेड़ा के एक किसान का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह हनुमानजी से गुहार लगाता दिख रहा है कि हे राम, रहम कीजिए... आपकी कृपा की जरूरत है।
यूं समझें नुकसान का गणित
-धनिया कटा हुआ पड़ा है, पानी की एक बूंद भी उसे खराब कर देती है।
-10 फीसदी किसान ही इसे समेट पाए हैं, ढंक पाए हैं।
-हवा के कारण गेहूं आड़े पड़ गए, जिससे सडऩे की संभावना है, वे खराब होंगे।
-तेज हवा, आंधी के कारण 40 रु. किलो तक बिक रहे संतरे जमीदोजं हुए, लाखों का नुकसान
-सरसों, रायड़ा, मसूर की फसलें भी खेतों में, काफी नुकसान
आंकड़ों में अनुमानित नुकसान
-50 लाख से अधिक का नुकसान संतरे में
-20 लाख से अधिक के धनिये में नुकसान
-20 प्रतिशत नुकसान
-50 फीसदी नुकसान धनिये में
-40 फीसदी नुकसान संतरे में
फैक्ट-फाइल
-3.5 लाख कुल सींचित रकबा
-2.48 लाख में गेहूं
-50 हजार में धनिया
-40, 000 में सरसों
-38, 000 हैक्टेयर में मसूर
-55, 000 चना
-39, 000 मसूर
(स्त्रोत : उद्यानिकी, कृषि विभाग, राजगढ़)
ओलावृष्टि से सफेद हुई सडक़ें और खेत
जीरापुर.क्षेत्र में बादलों की लुकाछिपी के साथ हुई तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे सडक़ और खेतों ने सफेद चादर ओढ़ ली। जिससे खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान हुआ है। ओले से गेहूं, चना और मसूर सहित रबी की फसलों को ज्यादा नुकसान हुआ है। तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी फसलें आड़ी हो गई। ओलावृष्टि से राजाहेड़ी, खारखेड़ा, गोवर्धनपुरा, आमलाबे, लसूल्डिय़ा, माचलपुर, पीपल्या कुल्मी, डूंगरी सहित अन्य गांवों में नुकसान हुआ है।
अन्नदाता पर कहर बरसा रही बारिश
भंडावद.बेमौसम बारिश से कटी पड़ी फसलों पर एक बार फिर से कुदरत ने कहर बरपा दिया है। भंडावद और आस-पास से लगे गांवों में हुई ओलावृष्टि और हवा से फसलें प्रभावित हुईं। बैर के आकार के ओले करीब 7 मिनट तक गिरे। इससे मसूर और धनिया की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, गेहूं की फसल भी अन्य स्थानों पर आड़ी पड़ गई। किसानों का दर्द झलक पड़ा, उन्होनें कहा कि धनिया 120, मसूर 70 और गेंहू 25 रुपए किलो के भाव का बीज खरीदकर बोए थे, अब न सिर्फ क्वालिटी बिगड़ी बल्कि उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
दो दिन से बारिश, प्रशासन ने नहीं शुरू किया सर्वे
रागजढ़. जिले में बीते दो दिन से मौसम गड़बड़ है। अधिकांश खेतों में फसलें हैं, जिनमें पहले दिन से नुकसान हो रहा है। बारिश, आंधी, हवा और ओले से काफी नुकसान किसानों को हुआ है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रयास शुरू नहीं हुए हैं। यहं तक कि हर बार होने वाला सर्वे भी शुरू नहीं हो पाया है। जिससे किसानों की चिंता और भी बढ़ गई है।
टीमें बनाई हैं, सर्वे करेंगी
किसानों का जो भी नुकसान हुआ है उसका आकलन करने के लिए हमने टीमें बनाई हैं। वे जिलेभर में सर्वे करेंगी। नुकसान जितना भी हुआ होगा शासन स्तर पर उसका प्रस्ताव भेजा जाएगा। जो भी नियमानुसार होगा उसकी क्षतिपूर्ति राशि शासन स्तर पर दी जाएगी।
-हर्ष दीक्षित, कलेक्टर, राजगढ़
Published on:
06 Mar 2023 07:18 pm
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