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10 साल की सजा सुनते ही कोर्ट परिसर से भाग गए दो आरोपी

ब्यावरा कोर्ट का मामला

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ब्यावरा. अकसर पुलिस कस्टडी में भागने में कामयाब होने वाले आरोपी अब कोर्ट परिसर से भी भागने लगे हैं। सोमवार को पैशी करने आए तीन आरोपियों में से दो सजा सुनते ही भाग निकले। दोनों ने कहा कि हम हमारे वकील से मिलकर आते हैं और भाग निकले।

सूत्रों के अनुसार सुठालिया थाना क्षेत्र में करीब सात साल पहले हुए एक विवाद में धारा-307 के तीन आरोपी पैशी के लिए ब्यावरा कोर्ट आए थे। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निवेदिया मुद्गल की कोर्ट में आरोपी मनोहरसिंह पिता नारायणसिंह गुर्जर, भरतराम पिता नारायणसिंह गुर्जर और गोपालसिंह पिता नारायणसिंह गुर्जर तीनों निवासी कोलूखेड़ी पैशी के लिए आए थे। तमाम साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर को धारा-307 के तहत 10 साल की कैद और 10-10 हजार रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई। जैसे ही उन्हें सजा सुनाई गई गोपाल और भरतराम अपने वकील से मिलने की बात कहकर निकले और फरार हो गए। इस पर कोर्ट उन्हें फरार घोषित कर दिया और एक अन्य आरोपी मनोहरसिंह को जेल भेज दिया। आरोपियों को धारा-25 आम्र्स एक्ट के तहत भी एक साल की सजा और एक हजार के अर्थ दंड की सुनाई है। सजा एक ही आरोपी के लिए घोषित की गई है, दो आरोपी फरार होने से फिलहाल उन्हें लेकर सजा नहीं सुनाई गई। हालांकि एजीपी दिनेश साहू का कहना है कि न्यायालय ने दोनों को फरार घोषित किया है वे पैशी पर उपस्थित ही नहीं हुए थे। वहीं, सूत्रों और पुलिस के अनुसार तीनों पैशी पर आए थे, लेकिन दो फरार हो गए। फिलहाल उन्हें अनुपस्थिति के आधार पर फरार घोषित किया गया है।

रंजिश में भाई पर ही हमला किया था
करीब सात साल पहले 08 फरवरी 2011 को तीनों आरोपियों ने अपने ही परिवार के भाई चेतराम गुर्जर निवासी कोलूखेड़ी पर जानलेवा हमला कर दिया था। तलवारें, लोहे की राड़ सहित अन्य हथियारों से हमला करने पर उसे सिर और गर्दन, हाथ-पांव में गंभीर चोटें आई थी। सुठालिया पुलिस ने मामले में धारा-307, 325, 326 और 25 आम्र्सएक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों को धारा-307 और 25 आम्र्स एक्ट के तहत दोषी पाया और सजा सुनाई है।

मासूम से दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास
राजगढ़. छह वर्ष की मासूम से ज्यादती करने वाले एक आरोपी को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश शेख सलीम ने आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही अर्थदंड से दंडित किया है। जानकारी के अनुसार मामला पिछले साल सात सितंबर का है। जब नरसिंहगढ़ थानांतर्गत आने वाले दूदियादिवान गांव में आरोपी मेहताब ने टापरी से एक छह साल की बालिका को सोते समय उठा ले गया और खेत से दूर ले जाकर उसके साथ ज्यादती की और बाद में उसे घटना स्थल पर छोड़कर पार्वती नदी की तरफ भाग गया। नरसिंहगढ़ पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी पर शक के आधार पर पूछताछ करने के बाद उसकी गिरफ्तारी की। जिसके बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूला। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के साथ ही 376 और 3/4 लैंगिक अपराधों से बालको संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। प्रकरण की पैरवी कर रहे अभियोजन के जिला प्रमुख आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि न्यायालय के समक्ष अभियोजन ने बलात्कार को प्रमाणित करने के लिए एक दर्जन से अधिक गवाहों को न्यायालय में पेश कराया। जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी लड्डू उर्फ मेहताब को इस गंभीर अपराध के लिए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

उपभोक्ता फोरम का फैसला : गैस सिलेंडर ब्लास्ट होने पर 50 हजार रुपए का जुर्माना
राजगढ़. वर्ष 2015 में शहर के जाट मोहल्ले में रहने वाले हनीफ मोहम्मद के घर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया था। यह घटना उस समय घटित हुई जब सुबह-सुबह आवेदक की पत्नी चाय बना रही थी। इस ब्लास्ट में घर में रखी गृहस्थी की सामग्री भी जल गई थी। मामले को लेकर हनीफ मोहम्मद ने उपभोक्ता फोरम में अपील की थी, जिसके बाद गैस एजेंसी के साथ ही ओरिएंटल इंश्योरेंस को पार्टी बताते हुए क्षतिपूर्ति की मांग की। मामले में उपभोक्ता बोर्ड के अध्यक्ष महेश भदकारिया और सदस्य सीमा सक्सेना व राजेश्वरी ओझा ने पूरे मामले को सुना। लंबे समय से चल रहे इस मामले को लेकर दुर्घटना में हुई सामान की क्षतिपूर्ति व मानसिक तनाव को लेकर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया है। यह राशि दो माह के अंदर देना होगी।