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MP में बड़ा रेल हादसा: ट्रेन के इंजन में लगी भीषण आग, दूर तक उठीं लपटें, 11 घंटे ठप रहा ट्रैक

mp news: इंजन में भडक़ी आग की लपटें इतनी तेज थी कि उसने निकली गर्मी से ट्रेक पर 9 खंभों की ओवर हेड इन्क्यूपमेंट (ओएचई) लाइन तक जलकर टूटकर नीचे आ गिरी।

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Massive Fire Engulfs Freight Train Engine (फोटो-Patrika.com)

(रिपोर्ट- वीरेंद्र जोशी, ब्यावरा)

Train Engine Fire: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा से बड़ी घटना की खबर सामने आई है। यहां मक्सी- रुठियाई ट्रेक के विजयपुर स्टेशन पर एनएफएल प्लांट से यूरिया से लदी माल गाड़ी लेकर निकले डीजल इंजन में अचानक आग भडक़ गई। रात 9.05 बजे हुए हादसे में इंजन के लोको पायलट जयपाल सिंह मीणा व सहायक लोको मुकेश कुमार मीणा ने किसी तरह से इंजन बंद कर कूदकर अपनी जान बचाई। इंजन में भडक़ी आग की लपटें इतनी तेज थी कि उसने निकली गर्मी से ट्रेक पर 9 खंभों की ओवर हेड इन्क्यूपमेंट (ओएचई) लाइन तक जलकर टूटकर नीचे आ गिरी। इससे 11.30 घंटे तक ट्रेक पर रेल यातायात बाधित रहा। (mp news)

घंटो खड़ी रही ट्रेनें

इसमें 5.50 घंटे तक पूरी तरह से ट्रेक पर ट्रेनों के पहिए थमे रहे। रात 2.54 बजे ट्रेक पर बिखरी पड़े ओएचई के तारों को हटाने का काम पूरा होने के बाद ब्यावरा, चांचौड़ा- बीनागंज, कुंभराज, रुठियाई और गुना स्टेशन और (जंगल) आउटर पर खड़ी पैसेंजर ट्रेनों को गुना स्टेशन पर बुलवाए दूसरे दो डीजल इंजन की मदद से खींचकर निकाला गया। इस दौरान मक्सी की ओर जा रही ट्रेनों को दूसरे डीजल इंजन से खींचकर कुंभराज तक ले जाया गया, वहां मक्सी से गुना की ओर जाने वाली ट्रेनों को को भी इन्हीं डीजल इंजन से खींचकर रुठियाई तक लाकर इलेक्ट्रिक इंजन से अगले पड़ाव के लिए निकाला गया। इससे पांच पैसेंजर ट्रेनें तमाम स्टेशनों और आउटर (जंगल) में खड़ी रही।

रातभर लगी रही टावर बैगन टीम

हादसे की सूचना पर पहुंची गुना व ब्यावरा की टावर बैगन (मेंटनेंस स्पेशल) मशीनों की मदद से रात को ही जिन नौ खंभों की ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। इसे बदलकर दूसरी लाइन डाली गई, तब कहीं जाकर ट्रेक पर रेल यातायात बहाल हो सका। इस काम में गुना व ब्यावरा की टावर बैगन सहित ट्रांजेक्शन डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ रेलवे (टीआरडी) की टीम ने रातभर लगातार काम करके शनिवार सुबह 8.20 बजे ट्रेक क्लीयर किया। तब कहीं जाकर रेल यातायात पूरी तरह से बहाल हो सका।

5 पैसेंजर ट्रेनें स्टेशनों-जंगलों में खड़ी रही

इस हादसे के बाद झांसी- बांद्रा साप्ताहिक एक्सप्रेस रुठियाई स्टेशन पर रात 10.30 से 3.30 बजे तक करीब 5 घंटे खड़ी रही। वहीं इंदौर- अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन कुंभराज स्टेशन पर रात 12.15 से सुबह 5 बजे तक करीब 4.45 घंटे खड़ी रही। वहीं रतलाम- भिंड इंटरसिटी एक्सप्रेस चांचौड़ा- बीनागंज स्टेशन पर रात 1.35 से सुबह 5.55 बजे यानी 4.20 घंटे तक खड़ी रही। वहीं भिंड रतलाम एक्सप्रेस महूगढ़ा स्टेशन पर रात 12.15 से सुबह 5.50 बजे यानी 5.35 घंटे तक खड़ी रही। वहीं देहरादून से उज्जैन की ओर ऊना- हिमाचल एक्सप्रेस भी करीब दो घंटे तक गुना स्टेशन पर खड़ी रही। बाद में इन ट्रेनों को डीजल इंजन की मदद से रुठियाई से कुंभराज तक और कुंभराज से रुठियाई तक खींचकर लाकर निकाला गया।

रुठियाई- मक्सी ट्रेक पर पहली घटना

रेलवे के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रुठियाई - मक्सी ट्रेक पर साल 2018- 19 में हुए विद्युतीकरण के बाद इस ट्रेक पर किसी डीजल इंजन में आग लगने से ओएचई जलने की यह पहली घटना है। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे के टीआरडी, इंजीनियरिंग सहित अन्य विभागों के आला अफसर भी देररात को ही रेल मंडल भोपाल से घटनास्थल पहुंच गए थे। उनकी निगरानी में ही काम पूरा किया गया है। इस मामले में शनिवार शाम को रेल ट्रैफिक, टीआरडी व विजयपुर और रुठियाई के स्टेशन के घटना के वक्त ऑन ड्यूटी रहे डिप्टी एसएस समेत माल गाड़ी के लोको पायलट का संयुक्त प्रतिवेदन भी तैयार कर डीआरएम को भेजा है।

डीआरएम ने बताई वजह

डीजल इंजन में फाल्ट की वजह से स्पार्किंग के बाद दिक्कत हुई थी। रेलवे की टीमों ने लगातार काम कर ट्रेक को बहाल कर दिया था। चार से पांच पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित हुई है।- पंकज त्यागी, डीआरएम रेल मंडल भोपाल (mp news)