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अनदेखी: कचरा डालने के डस्टबिन गायब, सड़कों पर बहता रहता है नालियों का गंदा पानी

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राजगढ़. केन्द्र सरकार द्वारा शहरी क्षेत्र में स्व'छता को बढ़ावा देने के वर्ष 2017 से विशेष स्व'छता सर्वेक्षण की शुरुआत की है, जिसमें शासन द्वारा नियुक्त टीम द्वारा अलग अलग मानदंड के आधार पर विभिन्न निकायों को निरीक्षण कर उन्हें स्व'छता के आधार पर स्थान दिया जाता है। मध्यप्रदेश का इस सर्वेक्षण में विशेष स्थान है दरअसल यहां के इन्दौर और भोपाल दोनों शहर एक से अधिक बार स्व'छता सर्वेक्षण में देशभर में शीर्ष पर रह चुके हैं, लेकिन बात अगर हमारे राजगढ़ शहर की जाए तो स्थिति काफी चिंताजनक है।

राजगढ़ को अब तक दो सर्वेक्षण में शामिल किया गया है, लेकिन दोनों में शहर का स्थान प्रदेश के अन्य निकायों की तुलना में काफी पीछे आया है। अब सर्वेक्षण 2020 के लिए दिसंबर या जनवरी में सर्वेक्षण टीम के राजगढ़ पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इस लिहाज से अब शहर को स्व'छ बनाने के लिए सिर्फ दो माह का समय बचा है, लेकिन शहर को इस बार के सर्वेक्षण में पहले से बेहतर स्थान मिल सके ऐसे कोई संभावना नजर नहीं आ रही, बल्कि हालत यह बन गए हैं कि पूर्व में स्व'छता सर्वेक्षण के लिए किए गए प्रयास भी अब काफी हद तक बहुत खराब हो गए हैं।


यहां की स्थिति सबसे खराब
वैसे तो पूरे शहर में ही सफाई की स्थिति बेहद खराब है, लेकिन शहर के कालाखेत, बारद्वारी, संकट मोचन बड़ली, बांसवाड़ा कुछ ऐसे हैं जहां नालियां क्षतिग्रस्त होने के कारण हर समय गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। जबकि कई स्थानों पर अब भी रहवासी बस्ती के बीच कचरे के घूरे बने हुए है। जबकि वार्ड 1, 2, 4, 8, 14 ओर 15 में अब कई लोग शौच के लिए खुले स्थानों का उपयोग कर रहे हैं।

न रात में सफाई और ना डस्टबिन का उपयोग
बीते सालों में हुए सर्वेक्षण के दौरान नगर पालिका ने काफी वृहद स्तर पर तैयारियां की थी, जिसके तहत न सिर्फ सुबह और रात में दो बार सफाई की व्यवस्था की गई थी। जबकि शहर के सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन आदि की व्यवस्था की गई थी। इस बार रात में सफाई तो दूर सुबह के समय होने वाली सफाई ही कर्मचारियों की कमी और उन्हें अन्य स्थानों पर लगाने सहित अन्य कारणों से प्रभावित रहती है।


इन कारणों से पिछड़ सकता है शहर
शहर में नहीं हो रही दोनों समय सफाई।
कागजों में ओडीएफ शहर में कुछ वार्डों में अब भी खुले में शौच जा रहे लोग।
पूर्व में शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए डस्टबीन गायब।
घरों से एकत्रित होने वाले कचरे के प्रबंधन की कोई व्यवस्था नहीं है।
शहर के सफाई कर्मचारियों के पास नहीं है जरूरी उपकरण और स्व'छता किट।
स्व'छता के लिए बनाए गए सुलभ शौचालय चालू नहीं, पुराने की नहीं होती नियमित सफाई।


शहर में नियमित सफाई करवाई जा रही है। अधिकांश स्थानों पर डस्टबिन लगे हैं जो खराब हो गए हैं, उनके बदले नए डस्टबिन रखवा देंगे। स्व'छता सर्वेक्षण में अव्वल आने के साथ ही शहर को साफ स्व'छ रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
पवन अवस्थी सीएमओ नपा राजगढ़

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