
200 रुपए कम हुए गेहूं के दाम, 1905 से 2130 रुपए क्विंटल बिका
ब्यावरा. निर्यात पर रोक लगाते ही गेहूं के दामों में अचानक गिरावट आ गई है, जहां चंद दिनों पहले गेहूं 2300 रुपए क्विंटल तक जा रहा था, वहीं अब गेहूं 1900 से 2100 रुपए के दाम तक सिमटता जा रहा है, अगर ऐसे ही हालात रहे तो गेहूं के दामों में लगातार गिरावट आएगी, गेहूं के दामों में गिरावट आने के कारण मंडी में आवक भी प्रभावित हुई है।
अचानक लगाई गई गेहूं के निर्यात पर रोक का असर स्थानीय स्तर पर भी देखा जा रहा है। इसके चलते लगातार चार दिन के अवकाश के बाद खुली मंडी में भी गेहूं की आवक आधी रह गई। भाव कम होने के कारण न सिर्फ किसान परेशान है बल्कि महंगी दरों पर गेहूं खरीदकर स्टॉक कर लेने वाले व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है।
दरअसल, आम तौर पर 2000 रुपए क्विंटल तक सिमट जाने वाले गेहूं के भाव पहली बार 2200 से 2300 तक पहुंचे थे। इससे अंदेशा लगाया जा रहा था कि भाव और भी बढ़ेंगे, जिससे किसानों को काफी हद तक फायदे की उम्मीद थी, लेकिन अब अचानक से निर्यात पर लगाई गई रोक के कारण पूरा गणित बिगड़ गया है। राष्ट्रीय कृषि बाजार से ही भाव में कमी हो गई, जिसके कारण किसानों का शड्यूल भी गड़बड़ा गया। इसका असर ब्यावरा मंडी में साफ नजर आया, यहां गेहूं की आधी ही आवक हुई। अच्छे भाव के कारण न सिर्फ आस-पास के गांव बल्कि दूर-दराज और अन्य जिलों से भी लोग आ रहे थे। जिनकी संख्या अब सिमट गई है। उल्लेखनीय है कि दोबारा भाव के बढऩे के आसार न के बराबर रह गए हैं। ऐसे में लगातार सरकार से मांग की जा रही है कि इस विषय पर ध्यान दिया जाए।
सालों बाद सरकारी केंद्र खाली रहे थे
समर्थन मूल्य की खरीदी के दौरान ऐसा पहली बार हुआ है कि अधिकतर केंद्र खाली पड़े रहे। वहां तक किसान पहुंचे ही नहीं, इसका प्रमुख कारण था मंडियों में मिलने वाला बेहतर भाव। इसके अलावा सरकारी ढर्रे में समर्थन मूल्य की खरीदी का पैसा भी समय पर नहीं मिल पाता। इसी कारण किसानों का मोह भंग हो गया था, अब कुछ दिन के लिए बढ़े भाव ने उन्हें राहत तो दी, लेकिन फिर भाव पटरी पर आ चुके हैं।
व्यापारियों को कहना- महंगा गेहूं खरीदकर स्टॉक किया, अब क्या करें?
गेहूं को लेकर व्यापारियों का कहना है कि बीते दिनों से लगातार आ रहे गेहूं को छोटे-बड़े सभी व्यापारियों ने खरीदा और सैकड़ों क्विंटल का स्टॉक जमा लिया। अब खरीदकर स्टॉक तो कर लिया लेकिन भाव नहीं मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है। स्थिति यह है कि अब उन्हें यह चिंता हो रही है कि इस घाटे के सौदे को कैसे करें? इसलिए गेहूं को खरीदने वालों की संख्या भी सीमित रह गई है। उन्हें डर है कि बाजार किस और पल्टी मार जाए यह कहा नहीं जा सकता।
ब्यावरा मंडी
उपज- भाव
गेहूं 1905-2130
सोयाबीन 5700-6980
चना 3980-4340
सरसों 5800-6130
मसूर 5905-6530
धनिया 4370-13500
(भाव ब्यावरा मंडी के अनुसार )
जल्दबाजी में लिया निर्णय
निर्यात पर रोक लगाने का निर्णय जल्दीबाजी में लिया है, जिसकी सीधी मार व्यापारियों पर पड़ रही है। भारत सरकार के पास पर्याप्त गेहूं बीते कुछ सालों का है, ऐसी स्थिति में निर्णय पर रोक लगाने से व्यापारियों, किसानों का गणित बिगड़ गया है।
-रमेशचंद्र जैन, थोक गल्ला व्यापारी मंडी
आवक थोड़ी कम हुई है
भाव का सिस्टम शासन स्तर पर होता है, लेकिन लगातार अवकाश होने के कारण आम तौर पर आने वाली आवक कम हुई है। 20 हजार क्विंटल तक की आवक यहां हुई है जो कि अब पांच से सात हजार तक सिमट गई।
-लक्ष्मीनारायण दांगी, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा
Published on:
20 May 2022 04:18 pm
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