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बछेराभाठा से खोलारघाट होते हुए नक्सल हिंसा पीडि़त गांव खुर्सीपार खुर्द तक बन गई पक्की सड़क …

जंगलों, पहाड़ों और घाटों के बीच से बनाई गई सड़क

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A paved road from Bachherabhata to Khursipar Khurd, a village suffering Naxal violence via Kholarghat ...

बछेराभाठा से खोलारघाट होते हुए नक्सल हिंसा पीडि़त गांव खुर्सीपार खुर्द तक बन गई पक्की सड़क ...

राजनांदगांव. जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड अंतर्गत बछेराभाठा से नक्सल हिंसा पीडि़त गांव खुर्सीपार खुर्द तक जंगलों, पहाड़ों और घाटों से होकर पहली बार पक्की सड़क बनने से इस क्षेत्र के निवासियों को आवागमन की सुगम सुविधा मिल रही है। बछेराभाठा से खोलारघाट तक 4.85 किलो मीटर तथा खोलारघाट से खुर्सीपार खुर्द तक 4 किलो मीटर सड़क बनाई गई है। इस सड़क में 12 पुलिये भी बनाए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण द्वारा कच्ची सड़क को पक्की सड़क बनाने के लिए कई जगह पहाड़ों को काटकर चौड़ा भी किया गया है। खोलारघाट से खुर्सीपार खुर्द मार्ग में घाटों में लगभग 650 मीटर सीमेन्ट कांक्रीट सड़क बनाई गई है। सीमेन्ट कांक्रीट सड़क की एक ओर सोल्डर तथा दूसरी ओर खाई की तरफ टोवॉल भी बनाई गई है। इसी मार्ग में अनेक जगहों पर पहाड़ों और घाटों को काटकर चौड़ा किया गया है।

कलेक्टर वर्मा ने लोगों से खेती-किसानी की चर्चा भी की। उनके पूछने पर गायत्री वर्मा ने बताया कि गांव का आंगनबाड़ी भवन अधूरा है। मुन्ना वर्मा ने बताया कि स्कूल भवन जर्जर हो गया है। गायत्री वर्मा शिक्षित और जागरूक महिला है। उन्होंने बड़ी सहजता से कलेक्टर वर्मा के साथ चर्चा कर गांव में बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, पेयजल व्यवस्था के बारे में बताया। वर्मा ने बताया कि गांव में बिजली आई है। पेयजल के लिए 4 हेण्डपंप और एक कुंआ है। यह कुंआ कभी सूखता नहीं। कलेक्टर वर्मा ने वन अधिकार पट्टा वितरण के संबंध में भी जानकारी ली। मुन्ना वर्मा ने बताया कि 3 लोगों को वन अधिकार अधिनियम के तहत खेती के लिए वन भूमि के पट्टे दिए गए हैं। लोगों ने बताया कि शिक्षक रोज स्कूल आते हैं। इस अवसर पर एसडीएम डोंगरगढ़ अविनाश भोई, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क अभिकरण क्रमांक एक राजनांदगांव के कार्यपालन अभियंता ज्ञानेन्द्र कश्यप, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की उप अभियंता गीता सिंह उपस्थित थी।

पक्की सड़क बनने से यहां के निवासी हुए प्रसन्न

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा अपने साप्ताहिक दौरे में इसी सड़क से बछेराभाठा, खोलारघाट होते हुए शाम 4 बजे पहाड़ पर बसे नक्सल हिंसा पीडि़त गांव खुर्सीपार खुर्द पहुंचे। वर्मा जिले के ऐसे पहले कलेक्टर हंै जो इस गांव में पहुंचे। वर्मा ने खुर्सीपार खुर्द में सड़क किनारे रूककर वहां के निवासियों से चर्चा की। उन्होंने गांववालों से चर्चा करते हुए पूछा कि पहली बार पक्की सड़क बनने से कैसा लग रहा है। गायत्री वर्मा, सुमित्रा वर्मा, सुकारो बाई और मुन्ना वर्मा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि गांव तक पहली बार पक्की सड़क बनाई गई है। इससे डोंगरगढ़ जाने के लिए अब सालभर सुगम आने-जाने की सुविधा मिलेगी। सभी लोगों ने कहा कि अब कच्ची सड़क पर विशेष रूप से बरसात में होने वाली दिक्कत दूर हो गई है। उन्होंने बताया कि बरसात में कई बार महिलाओं की जजकी कराने के लिए स्वास्थ्य केन्द्र ले जाने में बहुत समस्या होती थी। कलेक्टर वर्मा ने जंगलों और पहाड़ों के बीच बनाई गई सड़क की प्रशंसा की।